छात्र आत्महत्या मामला: प्रोफेसर को अग्रिम जमानत देने से उच्चतम न्यायालय का इनकार

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छात्र आत्महत्या मामला: प्रोफेसर को अग्रिम जमानत देने से उच्चतम न्यायालय का इनकार

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 05:11 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 05:11 PM IST

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने केरल के एक निजी डेंटल कॉलेज में प्रथम वर्ष के बीडीएस छात्र को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी प्रोफेसर को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने सोमवार को कहा कि शिक्षक इस तरह के व्यवहार के बाद बच नहीं सकता।

छात्र नितिन राज 10 अप्रैल को कॉलेज परिसर में एक इमारत से गिरने के बाद मृत पाया गया था। इसे संदिग्ध आत्महत्या का मामला माना गया।

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले छात्र को आरोपी एम. कोंडाना राम ने कक्षा में अपमानित किया था और धमकाया था। राम ने इन आरोपों से इनकार किया है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील से कहा, ‘‘एक संदेश जाना चाहिए कि आप (शिक्षक) छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकते।’’

शीर्ष अदालत ने यह आदेश राम की उस याचिका पर पारित किया, जिसमें उन्होंने केरल उच्च न्यायालय के जून 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार किया गया था।

उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को समझना चाहिए कि उसके कार्यों का छात्रों पर क्या असर पड़ेगा।

पीठ ने कहा, ‘यदि किसी छात्र को कक्षा में सहपाठियों की मौजूदगी में इस तरह अपमानित किया जाता है, तो ऐसे छात्रों पर इसका आखिरकार प्रभाव क्या होगा?’

याचिका खारिज करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा, ‘एक शिक्षक इस तरह के व्यवहार के बाद बच नहीं सकता।’

भाषा अमित संतोष

संतोष