अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंड़ाफोड़, 2.3 करोड़ रु का 765.6 किग्रा़ गांजा बरामद

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अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंड़ाफोड़, 2.3 करोड़ रु का 765.6 किग्रा़ गांजा बरामद

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 04:57 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 04:57 PM IST

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंड़ाफोड़ करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 765.6 किलोग्राम गांजा जब्त किया है जिसकी कीमत तकरीबन 2.3 करोड़ रुपये है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी के मुताबिक, गिरोह के तार बिहार, ओडिशा, हरियाणा और पंजाब से जुड़े हैं।

उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस के बाहरी जिले की एक टीम ने खुफिया जानकारी और कई राज्यों में 36 घंटे से अधिक समय तक संदिग्धों पर नज़र रखने के बाद गिरोह का भंडाफोड़ किया।

अभियान 20 जून को मिली एक गुप्त सूचना के बाद शुरू हुआ। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने पीतमपुरा में मधुबन चौक के पास जाल बिछाया और दिल्ली के शकूरपुर निवासी अशोक कुमार (40) को पकड़ लिया और उसके पास से दो बैगों में भरा 22.610 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

रानी बाग थाने में 21 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और अशोक को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि मादक पदार्थ की खेप ओडिशा के अजित सिंह नामक व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी। वित्तीय जांच और तकनीकी निगरानी के बाद संदिग्ध की पहचान बिहार के पटना निवासी इंद्रजीत रे के रूप में हुई जो अजित सिंह का नाम इस्तेमाल कर रहा था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि टीमों ने बिहार से रे की गतिविधियों पर नज़र रखी और कई राज्यों में उसका पीछा करने के बाद, 10 जुलाई को लुधियाना में उसके सहयोगी नीतीश कुमार के साथ उसे पकड़ लिया।

उनसे पूछताछ के आधार पर, पुलिस ने लुधियाना के जमालपुर में एक किराए के गोदाम पर छापा मारा और 743 किलोग्राम गांजा बरामद किया। मौके से तीसरे सहयोगी धर्मेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने चार लाख रुपये नकद, आठ मोबाइल फोन और 126 ग्राम वज़नी सोने की वस्तुएं बरामद कीं।

पुलिस ने कहा कि आरोपी गांजे की खेपों को किराए के गोदाम में रखते थे और वहीं से हरियाणा और पंजाब में उसकी तस्करी करते थे।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों को मादक पदार्थ कहां से मिलता था।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश