नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस दिखाने वाले वीर चक्र से सम्मानित लांस हवलदार के.जी. जॉर्ज (सेवानिवृत्त) का 95 वर्ष की आयु में केरल में निधन हो गया। उनके परिवार ने रविवार को यह जानकारी दी।
के.जी. जॉर्ज (सेवानिवृत्त) के पोते रेमो जॉन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरे दादाजी का शनिवार की सुबह निधन हो गया। उनका जन्म फरवरी 1931 में हुआ था और उन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भाग लिया था। ’’
जॉन (21) ने बताया कि जॉर्ज का जन्म केरल में हुआ था और वह वृद्धावस्था के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से पीड़ित थे। उन्होंने कोट्टयम स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
जॉर्ज ने भारतीय सेना के सिग्नल कोर में सेवा की थी, जो 1911 में स्थापित एक महत्वपूर्ण इकाई है।
जॉर्ज को मिले वीर चक्र के प्रशस्ति पत्र में 1965 के युद्ध के दौरान उनके वीरतापूर्ण कार्य का वर्णन किया गया है और इसमें लिखा है कि उन्होंने ”उच्च कोटि का साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया।”
जॉर्ज को मिले वीर चक्र के प्रशस्ति पत्र के मुताबिक, ‘‘ छह से 10 सितंबर 1965 की अवधि के दौरान, दुश्मन की लगातार गोलाबारी और हवाई हमलों के बीच, लांस हवलदार (लाइनमैन फील्ड) के.जी. जॉर्ज ने पाकिस्तान के वाघा सेक्टर में बाधित संचार व्यवस्था को बहाल करने के लिए अपनी टुकड़ी का नेतृत्व करना जारी रखा। आठ और नौ सितंबर, 1965 की रात को अपनी जान को खतरे में डालकर भी, उन्होंने दुश्मन के हमले के दौरान ब्रिगेड मुख्यालय से अग्रिम बटालियनों तक संचार की एक लाइन स्थापित की। ऐसा करके लांस हवलदार के. जी. जॉर्ज ने उच्च कोटि का साहस और कर्तव्यनिष्ठा प्रदर्शित की और उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया।’’
भाषा रविकांत दिलीप
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