कोलकाता, 14 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि ‘इस्कॉन’ (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस) एक अगस्त से कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों के स्कूलों में मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराना शुरू करेगा।
उन्होंने यह घोषणा राज्य के शिक्षा मंत्रियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद सोमवार को की।
अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि प्राथमिक विद्यालयों की मध्याह्न भोजन योजना के तहत प्रति छात्र आवंटन राशि एक अगस्त से मौजूदा 6.78 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दी जाएगी।
उन्होंने विकास भवन में बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस्कॉन एक अगस्त से कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों के स्कूलों में मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराना शुरू करेगा। वह इस पर कुछ सब्सिडी भी देगा। भोजन की गुणवत्ता बहुत अच्छी होगी। प्राथमिक विद्यालयों के मध्याह्न भोजन के लिए प्रति छात्र आवंटन 6.78 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये किया जाएगा।’’
बैठक में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार, राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय तथा वरिष्ठ नौकरशाह मौजूद थे।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना को अपनाया है। पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार धनराशि जारी नहीं कर सकी क्योंकि पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने उसकी नीति का पालन नहीं किया। हमें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष का अनुदान एक सप्ताह के भीतर मिल जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि बैठक में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों तक शिक्षा क्षेत्र के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारा ध्यान आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने, छात्रों को निजी संस्थानों पर निर्भर होने से बचाने, छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखने, पुरुष एवं महिला शिक्षकों के बीच संतुलन सुनिश्चित करने, राजनीतिक हस्तक्षेप के बिना योग्यता के आधार पर पारदर्शी तरीके से प्राध्यापकों की नियुक्ति करने तथा शैक्षणिक संस्थानों के आधुनिकीकरण पर है।’’
स्कूली शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, केंद्र प्रायोजित पीएम पोषण योजना के तहत राज्य सरकार पूर्व-प्राथमिक और प्राथमिक स्तर के प्रत्येक छात्र के लिए प्रतिदिन 3.22 रुपये की अतिरिक्त भोजन पकाने की लागत वहन करेगी। इससे सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रति छात्र कुल आवंटन राशि एक अगस्त से 10 रुपये हो जाएगी।
आदेश में कहा गया है कि इस बढ़ोतरी की घोषणा राज्य के वर्ष 2026-27 के बजट में की गई थी।
अधिकारी ने एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारी भावी पीढ़ी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पीएम पोषण योजना के तहत पूर्व-प्राथमिक और प्राथमिक स्तर के छात्रों के लिए प्रतिदिन भोजन पकाने की लागत 6.78 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दी गई है। अतिरिक्त 3.22 रुपये का वहन राज्य सरकार करेगी। यह व्यवस्था भी एक अगस्त, 2026 से लागू होगी।’’
पीएम पोषण योजना के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है ताकि उनके पोषण स्तर में सुधार हो, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़े और कक्षा के दौरान भूख की समस्या कम हो।
भाषा मनीषा शोभना
शोभना