नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) के सदस्य देशों के विदेश मंत्री भारत की मेजबानी में मंगलवार को होने वाली बैठक में पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श करेंगे।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि नयी दिल्ली में होने वाली इस बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी शामिल होंगे।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
रुबियो, वोंग और मोटेगी के जयशंकर के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करने के अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करने की भी संभावना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘मंत्री क्वाड के मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र संबंधी दृष्टिकोण के अनुरूप एक जुलाई 2025 को वाशिंगटन डीसी में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगे।’’
मंत्रालय ने कहा, ‘‘वे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, क्वाड की जारी पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम एवं आपसी चिंता के अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।’’
भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान का यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने वाले एक प्रमुख समूह के रूप में उभरा है।
भारत क्वाड के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में बैठक की मेजबानी करेगा।
बैठक की तैयारियों से परिचित अधिकारियों ने बतया कि क्वाड देशों के विदेश मंत्री यूक्रेन और पश्चिम एशिया में संघर्षों सहित गंभीर वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा करेंगे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता देखी जा रही है।
क्वाड ने पिछले कुछ वर्षों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की कुछ सबसे अहम जरूरतों और चुनौतियों से निपटने के लिए कई पहल शुरू की हैं, जिनमें समुद्री सुरक्षा, बुनियादी ढांचा और संपर्क सुविधा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
अमेरिका के विलमिंगटन में 2024 में हुए पिछले क्वाड शिखर सम्मेलन में समूह के शीर्ष नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए बड़े कदमों की घोषणा की थी।
आगामी बैठक में क्वाड शिखर सम्मेलन का व्यापक एजेंडा भी तय किए जाने की संभावना है। यह शिखर सम्मेलन संभवत: इस साल के अंत में भारत में होगा।
भाषा
सिम्मी मनीषा
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