जयपुर, 22 मई (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए एजेंसी के रुख को ‘‘गैर-जिम्मेदाराना’’ बताया।
गहलोत ने दावा किया कि एनटीए के अध्यक्ष प्रदीप जोशी ने एक संसदीय समिति से कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि नीट का प्रश्नपत्र लीक हुआ था।
उन्होंने कहा, “एक तरफ एनटीए ने स्वयं परीक्षा रद्द कर दी है, वहीं दूसरी ओर उसके अध्यक्ष इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।”
गहलोत ने आरोप लगाया कि जयपुर में बृहस्पतिवार को कांग्रेस के प्रदर्शन समेत देशभर में विरोध प्रदर्शन होने के बावजूद भाजपा सरकार और प्रशासन ‘‘अब भी गहरी नींद में’’ है।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जयपुर में आयोजित प्रदर्शन का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हजारों लोग एकत्र हुए थे।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कथित पेपर लीक मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के नाम सामने आने के कारण अब तक सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “आमतौर पर भाजपा सरकारें हर मामले में तुरंत बुलडोजर चला देती हैं, लेकिन नीट पेपर लीक मामले में अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है क्योंकि इसमें भाजपा नेताओं के नाम सामने आए हैं।”
गहलोत ने आरोप लगाया कि कथित पेपर लीक मामले को ‘‘भाजपा और सरकार के वरिष्ठ नेता संरक्षण दे रहे हैं’’ तथा मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
भाषा
पृथ्वी रवि कांत