26 नवम्बर को क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस,जानें इतिहास

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26 नवम्बर को क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस,जानें इतिहास

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  • Publish Date - November 26, 2018 / 09:25 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:57 PM IST

नई दिल्ली।आज हमारे देश के इतिहास में बहुत बड़ा दिन है जिसे सभी जगह संविधान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को अपने घर पर रात्रिभोज पर भी आमंत्रित किया। इस खास दिन को मनाने के पीछे आखिर क्या वजह है या क्यों इस दिन का खासा महत्त्व है इसे जानना जरुरी है। तो चलिए हम जानते हैं कि क्या वजह है 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाने की।

यहां सबसे पहले ये जानना जरुरी है कि 26 नवंबर, 1949 और 26 जनवरी, 1950 भारत के संविधान के इतिहास की ये दो अहम तारीखें हैं।जिन्हे हर भारतीय सम्मान और इज्जत से देखता है। आज की तारीख यानि 26 नवंबर, 1949 को हमारा संविधान अंगीकार किया गया था। यही वजह है कि इस दिन को सविधान दिवस कहा जाता है। आइए जानते हैं कि हमारा संविधान कैसे तैयार किया गया, यानी इसका इतिहास क्या है और इससे जुड़ीं कुछ रोचक बातें क्या हैं.

<blockquote class=”twitter-tweet” data-lang=”en”><p lang=”en” dir=”ltr”>Attended the dinner hosted by the Chief Justice of India on the eve of Constitution Day Celebrations. Delighted to have met and interacted with Chief Justices from neighboring countries. <a href=”https://twitter.com/hashtag/ConstitutionDay?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#ConstitutionDay</a> <a href=”https://t.co/xJ6JLXNihH”>pic.twitter.com/xJ6JLXNihH</a></p>&mdash; VicePresidentOfIndia (@VPSecretariat) <a href=”https://twitter.com/VPSecretariat/status/1066727314707234816?ref_src=twsrc%5Etfw”>November 25, 2018</a></blockquote>
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ज्ञात हो कि 1946 में ब्रिटिश शासन ने भारत को आजादी देने के लिए गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया था। उसके बाद कैबिनेट मिशन प्लान के तहत संविधान सभा का गठन किया गया। डॉ.राजेंद्र प्रसाद को इसका स्थायी अध्यक्ष और डॉ.बी.आर.आंबेडकर को प्रारूप समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए 13 समितियों का गठन किया गया। जनवरी 1948 में भारत के संविधान का पहला प्रारूप चर्चा के लिए प्रस्तुत किया गया। 4 नवंबर, 1948 को चर्चा शुरू हुई और 32 दिनों तक चली। इस अवधि के दौरान 7,635 संशोधन प्रस्तावित किए गए जिनमें से 2,473 पर विस्तार से चर्चा हुई। 2 साल, 11 महीने और 18 दिनों तक संविधान सभा की बैठक हुई जिस दौरान संविधान को अंतिम रूप दिया गया गया। 26 नवंबर, 1949 को इस संविधान को अंगीकार किया गया और 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया।