पिथौरागढ़, 28 जून (भाषा) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बेहतर सड़क संपर्क और सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रति बढ़ती दिलचस्पी के कारण पिछले तीन वर्षों में पर्यटकों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है।
अधिकारियों के अनुसार, इस बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदि कैलाश दौरे से मिली गति है।
अधिकारियों ने बताया कि मई महीने में पर्यटकों की संख्या 2023 में 11,168 से बढ़कर 2025 में 95,792 हो गई और मई 2026 में यह बढ़कर 1,11,104 तक पहुंच गई।
जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य ने कहा, “यह सब वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री मोदी के आदि कैलाश दौरे का परिणाम है। उससे पहले आदि कैलाश में करीब 2,000 श्रद्धालु ही आते थे।”
आदि कैलाश, पिथौरागढ़ जिले में भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित 5,945 मीटर ऊंची हिमालयी चोटी पर स्थित है।
इसे छोटा कैलाश भी कहा जाता है।
आर्य के अनुसार, वर्ष 2020 में व्यास घाटी के सीमावर्ती क्षेत्र तक मोटर योग्य सड़क खुलने से आदि कैलाश और जिले के अन्य हिमालयी पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हुई।
उन्होंने बताया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या का मुख्य कारण घरेलू पर्यटक रहे हैं, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
वर्ष 2024 में 78, वर्ष 2025 में 136 और मई 2026 में 82 विदेशी पर्यटक यहां पहुंचे।
मई के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, धारचूला उपखंड स्थित आदि कैलाश और ओम पर्वत क्षेत्र में सबसे अधिक आवाजाही दर्ज की गई, जहां 38,728 पर्यटक व श्रद्धालु पहुंचे।
इसके बाद मुनस्यारी क्षेत्र का स्थान रहा, जहां 24,526 पर्यटक पहुंचे।
अन्य प्रमुख आकर्षणों में बेरीनाग स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा शामिल रही, जहां 16,120 पर्यटक गये।
पिथौरागढ़ स्थित लंदन फोर्ट में 12,597 पर्यटक पहुंचे, जबकि गंगोलीहाट स्थित महाकाली मंदिर में 8,400 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए।
आर्य ने बताया कि आने वाले महीनों में पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, क्योंकि आदि कैलाश यात्रा नवंबर तक जारी रहने वाली है।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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