असम में महिलाओं के ‘हरगिला’ पक्षी संरक्षण प्रयास का जिक्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में किया गया

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असम में महिलाओं के ‘हरगिला’ पक्षी संरक्षण प्रयास का जिक्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में किया गया

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  • Publish Date - June 28, 2026 / 06:54 PM IST,
    Updated On - June 28, 2026 / 06:54 PM IST

गुवाहाटी, 28 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम में पाए जाने वाले दुर्लभ और विशालकाय पक्षी ‘हरगिला’ को बचाने और उसके संरक्षण के लिए जीवविज्ञानी पूर्णिमा देवी बर्मन तथा ग्रामीण महिलाओं के समूह द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की।

मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में ‘हरगिला सेना’ की संरक्षण पहल की कहानी का जिक्र किया और कहा कि इससे पता चलता है कि सही जानकारी पुरानी सोच को बदलने में मदद कर सकती है।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज के ‘मान की बात’ कार्यक्रम में आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी ने असम की एक खास संरक्षण पहल के बारे में बताया। ‘ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क’ या ‘हरगिला’ को दुर्भाग्य लाने वाला माना जाता था और उनके रहने की जगहों को नष्ट कर दिया जाता था, लेकिन तभी तक जब तक कि महिलाओं ने समुदाय-स्तर पर एक मिशन शुरू नहीं किया।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘हरगिला’ एक दुर्लभ पक्षी है, जो प्रकृति को साफ रखने में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन उसे लंबे समय से असम के कुछ हिस्सों में अशुभ माना जाता रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘लोग इसे अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे। अक्सर, जिन पेड़ों पर ‘हरगिला’ के घोंसले होते थे, उन्हें काट दिया जाता था।’’

बर्मन ने लोगों के मन में गहराई से बैठी गलतफहमियों को दूर करने का संकल्प लिया और महिलाओं से बात करके उन्हें विज्ञान पर आधारित तथ्य समझाए।

मोदी ने कहा कि धीरे-धीरे महिलाएं ‘हरगिला’ को बचाने के उनके अभियान से जुड़ने लगीं और जो पक्षी कभी अशुभ मानकर भगा दिया जाता था, वह उस इलाके के गांवों की पहचान बन गया।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हरगिला को बचाने के लिए हजारों ग्रामीण महिलाएं आगे आईं और आज उन्हें ‘हरगिला सेना’ के नाम से जाना जाता है। इन महिलाओं को सामाजिक विरोध का भी सामना करना पड़ा।’’

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश