चंडीगढ़, पांच मार्च (भाषा) पंजाबी मूल की 45 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की बृहस्पतिवार को कनाडा में चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई।
नैन्सी की मां ने जालंधर में दावा किया कि उनकी बेटी को जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं।
नैन्सी की हत्या तीन मार्च को ओंटारियो के लासेल में हुई।
नैन्सी, सोशल मीडिया पर पंजाब के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करती थीं।
नैन्सी ने खालिस्तानियों के खिलाफ आवाज उठाई थी और यहां तक कि खालिस्तान समर्थक नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ भी टिप्पणियां की थीं।
लासेल पुलिस सेवा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “तीन मार्च को रात साढ़े नौ बजे से कुछ ही समय पहले चाकू से हमला किये जाने की सूचना मिलने पर पुलिस टॉड लेन के 2400 ब्लॉक पर पहुंचीं।”
पुलिस ने बताया कि 45 वर्षीय एक महिला घायल अवस्था में मिली और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।
लासेल पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान नैन्सी ग्रेवाल के रूप में हुई और मामले की जांच जारी है।
नैन्सी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं और विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करती थीं।
हाल ही में उन्होंने राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों के खिलाफ भी आवाज उठाई थी।
गुरिंदर सिंह ने दो फरवरी को नाभा जेल में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात की थी।
नैन्सी की मां शिंदरपाल कौर ने बृहस्पतिवार को जालंधर में पत्रकारों को बताया कि उनकी बेटी पर कई बार चाकू से हमला किया गया था।
उन्होंने कनाडा के विंडसर में कुछ कट्टरपंथियों पर उनकी बेटी से दुश्मनी रखने का आरोप लगाया।
कौर ने कनाडाई अधिकारियों से हत्या के दोषियों को गिरफ्तार करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी बेटी पर पहले भी हमला हुआ था और उसके घर में आग लगा दी गई थी, लेकिन वह बच गई थी।
उन्होंने कहा, “नैन्सी को लगातार धमकियां मिल रही थीं।”
नैन्सी की मां ने दावा किया कि एक नकाबपोश युवक रेकी करने के लिए उनकी बेटी के घर भी आया था।
उन्होंने कहा, “नैन्सी ने अपने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे। जब नैन्सी ने उसे देखा तो वह डर गया। अगर सीसीटीवी कैमरे न लगे होते तो वह नैन्सी को उसके घर में ही मार सकता था।”
कौर ने बताया कि उनकी बेटी 2018 में कनाडा गई थी, उसने नर्सिंग का कोर्स किया था और दो कंपनियों के लिए काम कर रही थी।
उन्होंने बताया कि नैन्सी से आखिरी बार दो मार्च को बात हुई थी और उसने तीन मार्च को फोन नहीं उठाया था।
कौर ने बताया कि नैन्सी अपने मरीजों के मामलों के साथ ही सब बातें साझा करती थी।
भाषा जितेंद्र नरेश
नरेश