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नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बेल्जियम के उनके समकक्ष बार्ट डी वेवर के बीच व्यापक बातचीत के बाद भारत और बेल्जियम ने बृहस्पतिवार को व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अपने सहयोग को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने पर सहमति जताई।
मोदी ने अपने मीडिया वक्तव्य में पिछली तिमाही में भारत द्वारा 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज किए जाने का उल्लेख किया और कहा कि देश की आर्थिक प्रगति दुनिया के लिए विश्वास और नये अवसरों का स्रोत है।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने को एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि भारत और बेल्जियम ऐसे संबंध बना रहे हैं, जो व्यापक हैं और पहले की तुलना में कहीं अधिक रणनीतिक हैं।
मोदी ने कहा, ‘‘आज दुनिया उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थितियां बनी हुई हैं। भोजन, ईंधन या आपूर्ति शृंखलाओं को लेकर अनिश्चितता हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है। पिछली तिमाही में हमने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास गाथा ‘‘दुनिया के लिए विश्वास और नये अवसरों का स्रोत बन रही है।’’
मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किये जाने की एक बार फिर वकालत की।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत और बेल्जियम दोनों ही कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में भरोसा रखते हैं। चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्षों को जल्द समाप्त करने और शांति स्थापित करने के सभी प्रयासों का समर्थन करते हैं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और बेल्जियम आतंकवाद के हर रूप को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मोदी ने उच्च प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों की प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘स्वच्छ ऊर्जा का भविष्य और विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला हमारी साझा प्राथमिकताएं हैं। आज नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) हमारे सतत विकास संबंधी सहयोग को नयी गति देगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में हमने प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में बेल्जियम की विशेषज्ञता और भारत की व्यापक क्षमता एक-दूसरे की पूरक हैं।’’
भाषा
देवेंद्र वैभव
वैभव