‘शुद्धीकरण’ छुआछूत की घटना, प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए : खरगे

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‘शुद्धीकरण’ छुआछूत की घटना, प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए : खरगे

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 03:17 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 03:17 PM IST

( फाइल फोटो के साथ )

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनकी रैली के बाद सभास्थल का कथित तौर पर शुद्धीकरण किए जाने को छुआछूत की घटना करार देते हुए बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को निर्देश दें।

उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकरण को लेकर राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से भी संपर्क किया जाएगा।

खरगे ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ‘‘चुप्पी’ को लेकर भी सवाल खड़े किए।

उन्होंने राज्यसभा में सदन के नेता नड्डा को लिखे पत्र में इस बात पर हैरानी जताई कि ‘शुद्धीकरण’ की घटना के 24 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है और उलटा राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया, जबकि वह निरंतर दलितों की आवाज उठा रहे हैं।

खरगे ने राज्यसभा में दिए गए नड्डा के आश्वासन का हवाला देते हुए कहा कि वह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को निर्देश देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को राज्यसभा में मामला उठाए जाने पर नड्डा ने जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

खरगे का कहना है कि कांग्रेस इस मामले को राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन के समक्ष भी उठाएगी।

उनका कहना था, ‘‘13 अगस्त, 2026 को राज्यसभा में मैंने हल्द्वानी प्रकरण पर अपनी बात रखी थी। इस पर जेपी नड्डा जी ने कहा था कि इसकी तहकीकात होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभापति ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा था कि ऐसे विषयों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।’’

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में बीते आठ अगस्त को खरगे की सभा के बाद कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर सभास्थल का ‘शुद्धीकरण’ किए जाने का मामला सामने आया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इसमें भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग शामिल थे, जबकि भाजपा ने आरोप से इनकार किया है।

नड्डा को पत्र भेजने के बाद खरगे ने संवाददाताओं से कहा कि यह केवल उनका या कांग्रेस अध्यक्ष के पद का मुद्दा नहीं है, बल्कि दलित समुदाय के करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि यह ‘शुद्धीकरण’ नहीं, बल्कि छुआछूत है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह पर निशाना साधते हुए पूछा कि वे इस मामले पर चुप क्यों हैं?

खरगे ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी इस विषय पर चुप हैं। क्यों चुप हैं? अगर वह दलित होते और उन पर यह सब गुजरता तो क्या वह चुप बैठते? अमित शाह भी चुप हैं।’’

खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता दलितों और अन्य वंचित वर्गों के मुद्दे उठाते हैं तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें हतोत्साहित करने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम डरने वाले नहीं हैं।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘राहुल गांधी जी को सिर्फ देश के लोगों की चिंता है। अगर इसके लिए कोई उन्हें सज़ा देना चाहता है, तो हम इसके खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे। मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि आप राहुल गांधी जी और उनके उसूलों के साथ खड़े हों, क्योंकि भाजपा हर मुद्दे का राजनीतिक ध्रुवीकरण कर रही है।’’

भाषा हक हक मनीषा

मनीषा