दिल्ली में लगातार तीसरे दिन रुक-रुककर बारिश, अभी मौसम में बदलाव के आसार नहीं

Ads

दिल्ली में लगातार तीसरे दिन रुक-रुककर बारिश, अभी मौसम में बदलाव के आसार नहीं

  •  
  • Publish Date - September 3, 2025 / 09:40 PM IST,
    Updated On - September 3, 2025 / 09:40 PM IST

(तस्वीरों सहित)

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में लगातार तीसरे दिन रुक-रुककर बारिश हुई और बुधवार को भी बादल छाए रहे, जबकि यहां अगले कुछ दिनों में और अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी थी। हालांकि, बाद में इसे घटाकर ‘येलो’ अलर्ट कर दिया गया और लोगों को सतर्क रहने को कहा गया।

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, शाम साढ़े पांच बजे तक सफदरजंग स्थित दिल्ली के प्राथमिक मौसम केंद्र ने 15.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की, जबकि लोधी रोड में 18.2 मिलीमीटर और पालम में 22 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

रिज में 59.6 मिलीमीटर और आयानगर में 54.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में इस समय असामान्य रूप से हो रही भारी बारिश ने राष्ट्रीय राजधानी में इस मौसम में बरसात का आंकड़ा एक हजार मिलीमीटर के पार कर गया है।

दिल्ली ने अगस्त के महीने में ही 774 मिलीमीटर बारिश के अपने वार्षिक औसत वर्षा के आंकड़े को पार कर लिया था।

मौसम विभाग के अनुसार, कुछ घंटों में और अधिक बारिश होने की संभावना है तथा दिल्ली में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने का पूर्वानुमान है।

बारिश के कारण दिल्ली का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 1.8 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत तापमान से 2.8 डिग्री कम था।

मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को बादल छाए रहने और बारिश की संभावना व्यक्त की है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 33 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के आसार हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार बुधवार शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 57 रहा, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है।

सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ माना जाता है।

भाषा यासिर सुरेश

सुरेश