मिनीमर्ग (लद्दाख), 10 जून (भाषा) ईरान में आसमान से मिसाइलें बरसने के बावजूद, ईरानी इंजीनियर यूसुफ इसहाकपुर रहीमबादी उस परियोजना पर ध्यान लगाए हुए हैं जो लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लोगों को साल भर जोड़े रखेगी।
अपने देश में जारी संघर्ष से हजारों मील दूर भारत में जोजिला सुरंग के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हुए रहीमाबादी को बेहद कड़ाके की ठंड, भारी बर्फबारी और दुर्गम रास्तों का सामना करना पड़ता है।
भारत में पढ़ाई और यहीं शादी करने वाले रहीमाबादी भारत को अपना दूसरा घर मानते हैं। जब मंगलवार को महत्वाकांक्षी जोजिला सुरंग परियोजना में एक बड़ी कामयाबी मिली, तो वह खुशी और गर्व से भर गए और उन्होंने इस उपलब्धि को ‘‘बहुत बड़ा मील का पत्थर’’ बताया।
जोजिला सुरंग परियोजना के मौजूदा अथॉरिटी इंजीनियर रहीमाबादी ने कहा कि इतनी शानदार परियोजना पर काम करना सम्मान की बात है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं ईरान से हूं। मैं जोजिला परियोजना पर काम कर रहा हूं। इस परियोजना पर काम करना बहुत सम्मान की बात है। यह एक शानदार परियोजना है और देश के लिए गर्व की बात है।’’
रहीमाबादी ने कहा, ‘‘कई चुनौतियां थीं, लेकिन हमने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। बाकी काम पूरा करने और सुरंग को जनता के लिए खोलने में अभी 2 से 2.5 साल और लगेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सुरंग है। यह कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी देगी। आपातकालीन स्थिति में रक्षा बल इस सुरंग का इस्तेमाल कर सकेंगे।’’
भाषा शफीक प्रशांत
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