प.बंगाल में मेस्सी के कार्यक्रम में ‘अनियमितताएं’ : पूर्व मंत्री अरूप विश्वास पुलिस के समक्ष पेश हुए

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प.बंगाल में मेस्सी के कार्यक्रम में ‘अनियमितताएं’ : पूर्व मंत्री अरूप विश्वास पुलिस के समक्ष पेश हुए

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  • Publish Date - June 18, 2026 / 11:45 AM IST,
    Updated On - June 18, 2026 / 11:45 AM IST

कोलकाता, 18 जून (भाषा) अर्जेंटीना के फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी से जुड़े वर्ष 2025 के एक कार्यक्रम में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास बृहस्पतिवार को विधाननगर पुलिस के समक्ष पेश हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अरूप विश्वास पिछले तीन समन को नजरअंदाज करने के बाद सुबह करीब 9.55 बजे विधाननगर पुलिस आयुक्तालय मुख्यालय पहुंचे।

यह मामला कार्यक्रम आयोजक शतद्रु दत्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। दत्ता ने विश्वास पर पिछले साल 13 दिसंबर को साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित हाई-प्रोफाइल फुटबॉल कार्यक्रम के संबंध में टिकटों की कालाबाजारी, जबरन वसूली, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने देने जैसी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप लगाए हैं। इस कार्यक्रम में मेस्सी भी शामिल हुए थे।

यह कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया था, जब दर्शकों के एक वर्ग ने कथित तौर पर स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की थी। उनका आरोप था कि हजारों रुपये खर्च कर टिकट खरीदने के बावजूद वे लियोनेल मेस्सी की एक झलक तक नहीं देख सके, क्योंकि मैदान पर प्रभावशाली लोगों ने उन्हें चारों ओर से घेर रखा था।

अरूप विश्वास ने किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल होने से इनकार किया है और कहा है कि कार्यक्रम के वित्तीय मामलों से उनका कोई संबंध नहीं था।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पहले उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश देते हुए दंडात्मक कार्रवाई से सशर्त सुरक्षा प्रदान की थी।

पांच जून को पूर्व मंत्री ने विधाननगर दक्षिण पुलिस थाने को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पेश होने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा था।

इस बीच, मेस्सी के भारत दौरे के आयोजक ने बुधवार को दावा किया कि फुटबॉल के दिग्गज की संचार टीम ने पुलिस को पत्र लिखकर इस घटना के लिए विश्वास को जिम्मेदार ठहराया है।

संचार ने कथित तौर पर दत्ता को कुप्रबंधन के आरोपों से बरी कर दिया, जिसके लिए उन्हें पहले टीएमसी शासन के दौरान गिरफ्तार किया गया था और जेल में डाल दिया गया था।

हालांकि, रिपोर्ट प्राप्तकर्ता विधाननगर पुलिस ने इस घटनाक्रम पर चुप्पी साध रखी है।

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा