शिवगंगा (तमिलनाडु), 28 सितंबर (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि उन्हें इस तरह के दावों में कोई आधार नजर नहीं आता कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारण हाल में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की जीत या द्रमुक की हार हुई।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं के नाम हटाया जाना गलत था, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि यह चुनाव परिणाम का कारण था।
चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए, उन्हें सूची में शामिल किया जाना चाहिए था, लेकिन विपक्षी दल को मतों में हेरफेर के अपने दावों को साबित करना होगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने (निर्वाचन आयोग ने) मतदाताओं के नाम हटा दिए। यह गलत है। उन नामों को शामिल किया जाना चाहिए था। लेकिन मुझे ऐसा प्रतीत नहीं होता कि केवल इसी वजह से टीवीके जीती और द्रमुक हारी।’’
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच उन्होंने कहा कि यदि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ विपक्ष की अगली कार्रवाई का फैसला आगामी कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) और ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठकों में किया जाएगा।
उनका कहना था कि इसमें उच्चतम न्यायालय का रुख करना या संसद में उन्हें हटाने के लिए प्रस्ताव लाना शामिल हो सकता है।
निर्वाचन आयोग के भीतर मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर कथित तौर पर मतभेद सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर में दावा किया गया है कि पिछले 10 महीने में दो निर्वाचन आयुक्तों ने ऐसे मामलों में 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और सुझाव सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है तथा उसके फैसले सर्वसम्मति से और स्थापित वैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं।
कांग्रेस नेता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पहले उठाई गई मांग को दोहराते हुए कुमार के इस्तीफे, प्राथमिकी दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को इस्तीफा देने की पार्टी की ओर जो समयसीमा दी गयी थी, उसके बीत जाने के बाद देशभर में प्रदर्शन किए गए थे और कराईकुडी समेत कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए।
चिदंबरम ने नए सिरे से चुनाव कराने की संभावना को भी खारिज कर दिया और कहा कि संविधान संपन्न हो चुके चुनावों के लिए पुनः चुनाव की अनुमति नहीं देता।
उन्होंने कहा कि एसआईआर को तत्काल रोका जाए और 20 राज्यों में मतदाता सूची से हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएं।
भाषा हक माधव
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