कोलकाता, 19 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय को शुक्रवार को बताया कि सरकारी कर्मचारियों के लिए योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होना जरूरी नहीं है। इसके बाद उच्च न्यायालय ने एक कर्मचारी संघ की याचिका का निपटारा कर दिया।
पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों की वामपंथी विचारधारा वाली संस्था ‘स्टेट कोऑर्डिनेशन कमिटी’ ने मुख्य सचिव द्वारा जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सभी कर्मचारियों को आयोजन में अनिवार्य रूप से शामिल होने को कहा गया था। संस्था ने इस निर्देश को जारी करने के मुख्य सचिव के अधिकार पर सवाल उठाया है।
न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने अतिरिक्त महाधिवक्ता बिल्वदल भट्टाचार्य से सरकार का पक्ष जानने के बाद याचिका का निपटारा करते हुए मौखिक रूप से कहा, ‘‘इस वाद की कोई ज़रूरत नहीं है।’’
अदालत ने गौर किया कि पश्चिम बंगाल सरकार के लिखित निर्देश में कहा गया है कि मुख्य सचिव का आदेश ‘‘सभी सरकारी कर्मचारियों से ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के मौके पर आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होने की सामान्य अपील है।’’
इसमें कहा गया है कि यह आदेश ‘‘अनिवार्य नहीं है और व्यक्तिगत कारणों से शामिल न हो पाने की स्थिति में किसी भी तरह की दंडात्मक या ज़बरदस्ती वाली कार्रवाई का न तो कोई विचार किया गया था और न ही इसे इसमें शामिल किया गया था।’’
याचिका का निपटारा करते हुए अदालत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भेजे गए निर्देशों को देखते हुए, याचिका पर आगे कार्रवाई करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
भाषा शोभना मनीषा
मनीषा