टीकाकरण की खाातिर मानसिक रूप से बीमार लोगों के लिये अलग प्राथमिकता समूह बनाना उचित नहीं : केंद्र

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टीकाकरण की खाातिर मानसिक रूप से बीमार लोगों के लिये अलग प्राथमिकता समूह बनाना उचित नहीं : केंद्र

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  • Publish Date - May 11, 2021 / 06:39 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:46 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा है कि देश भर में एक मई से 18 साल या उसे अधिक उम्र वर्ग के लोगों के लिये टीकाकरण अभियान की शुरूआत हो चुकी है और ऐसे में गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित लोगों के टीकाकरण के लिये अलग से प्राथमिकता समूह बनाना उचित नहीं है।

उच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि एक मई से 18 साल या उससे अधिक उम्र वर्ग के लोग टीकाकरण के पात्र हैं और इसलिये ‘‘यह मानसिक बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों सहित बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण हो सकेगा।’’

हलफनामा में यह भी कहा गया है कि 22 मार्च को आयोजित एक बैठक में कोविड-19 के लिए टीकाकरण पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह ने एक प्राथमिकता समूह बनाने के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया और इस आम सहमति पर पहुंचे कि ‘‘प्राथमिकता के संबंध में निर्णय वैज्ञानिक प्रमाण और समानता के सिद्धांतों और डब्ल्यूएचओ के दिशानिर्देशों पर आधारित है … और इसलिए वर्तमान मानदंडों को बदलने या संशोधित करने की आवश्यकता नहीं है ।’’

विशेषज्ञ समूह का गठन पिछले साल अगस्त में किया गया था।

भाषा रंजन नीरज

नीरज