तिरुवनंतपुरम, नौ दिसंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शुक्रवार को कहा कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ‘‘सांप्रदायिक पार्टी नहीं’’ है और उसने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के कथित कदम से संबंधित इस मुद्दे पर कांग्रेस से सहमत नहीं होने के लिए विपक्षी दलों के गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिकक फ्रंट (यूडीएफ) के प्रमुख घटक दल की प्रशंसा की। सत्तारूढ़ मोर्चे के अनुसार राज्यपाल केरल में विश्वविद्यालयों का ‘‘भगवाकरण’’ करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुस्लिम लीग के प्रति अपने दृष्टिकोण में एक स्पष्ट बदलाव का संकेत देते हुए, माकपा की केरल इकाई के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने पनक्कड़ थंगल परिवार द्वारा नियंत्रित पार्टी के साथ उनकी पार्टी के खुले गठबंधन को भी याद किया, जब कम्युनिस्ट दिग्गज दिवंगत ई एम एस नंबूदरीपाद के नेतृत्व में केरल में 1967 में सरकार बनाई गई थी।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य गोविंदन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुस्लिम लीग एक ऐसी पार्टी है जो अल्पसंख्यकों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से काम करती है। हम यह नहीं कह रहे हैं कि यह एक सांप्रदायिक पार्टी है।’’
गोविंदन ने मुस्लिम लीग, जिसे कभी माकपा ने एक सांप्रदायिक पार्टी करार दिया गया था, के प्रति स्पष्ट रूप से गर्मजोशी दिखाते हुए कहा कि केवल एसडीपीआई जैसी पार्टियां ही सांप्रदायिक स्थिति अपना रही हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग ने जब एसडीपीआई जैसी ताकतों से मित्रता की तो माकपा ने उसकी आलोचना की।
वाम दल के नेता ने कहा कि सांप्रदायिकता के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ने वालों के लिए देश में एक व्यापक मंच है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक गठबंधन नहीं है।
भाषा सुरभि संतोष
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