जम्मू प्रशासन ने भड़काऊ सोशल मीडिया सामग्री पर 60 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया

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जम्मू प्रशासन ने भड़काऊ सोशल मीडिया सामग्री पर 60 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया

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  • Publish Date - April 17, 2026 / 04:01 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 04:01 PM IST

जम्मू, 17 अप्रैल (भाषा) जम्मू प्रशासन ने जिले में सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को खतरे का हवाला देते हुए 60 दिनों की अवधि के लिए सोशल मीडिया मंचों पर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने या साझा करने पर बृहस्पतिवार को पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।

प्रशासन ने कहा कि सांप्रदायिक रूप से उकसाने वाली, झूठी और भड़काऊ सामग्री फैलाने के लिए सोशल मीडिया मंचों का लगातार दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने, सांप्रदायिक तनाव पैदा होने तथा जान-माल को खतरा होने की आशंका है।

जिला मजिस्ट्रेट डॉ. राकेश मिन्हास ने कहा, ‘‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मैं आदेश देता हूं कि धर्म, नस्ल, जाति, समुदाय, भाषा या क्षेत्र के आधार पर समुदायों के बीच वैमनस्य, घृणा या दुर्भावना फैलाने वाली किसी भी सामग्री (पाठ, चित्र, वीडियो, ऑडियो, मीम, ग्राफिक या रील) को पोस्ट करना, अपलोड करना, साझा करना या अग्रेषित करना जम्मू जिले की क्षेत्रीय सीमा में सख्ती से प्रतिबंधित है।’’

जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश में कहा कि जम्मू जिले की क्षेत्रीय सीमा में कुछ गतिविधियां तत्काल प्रभाव से पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगी।

आदेश में कहा गया है, ‘‘ये उपाय सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए लागू किए गए हैं।’’

इसमें कहा गया है कि किसी समूह या समुदाय के खिलाफ सांप्रदायिक तनाव, दंगे या हिंसा भड़काने के उद्देश्य से झूठी, मनगढ़ंत या भ्रामक जानकारी तैयार करना या फैलाना भी प्रतिबंधित रहेगा।

आदेश के मुताबिक, व्हाट्सऐप, फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे मंचों का उकसाने या झूठी एवं भ्रामक सामग्री फैलाने के लिए बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है और जान-माल को खतरा हो सकता है।

प्रशासन ने चेतावनी दी कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में राष्ट्रीय एकता और अखंडता को खतरा पहुंचाने पर जुर्माने से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

प्रशासन ने कहा कि ये प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और अगर पहले संशोधित या वापस नहीं लिए गए तो 60 दिनों तक प्रभावी रहेंगे। आदेश उन सभी व्यक्तियों और मंचों पर लागू होगा, जिनकी सामग्री जम्मू जिले में सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

भाषा गोला पारुल

पारुल