मेंढर/जम्मू, पांच जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ाए जाने के बीच सुरक्षा बलों ने रविवार को पुंछ जिले में एक छद्म अभ्यास किया।
अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य सेना की युद्धक तैयारियों को मजबूत करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय नागरिकों को सुरक्षा उपायों से अवगत कराना था।
उन्होंने बताया कि इस अभ्यास के तहत आतंकवादी हमले जैसी स्थिति का निर्माण किया गया, जिसके माध्यम से आकस्मिक स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा सुरक्षा एजेंसियों, नागरिक प्रशासन एवं स्थानीय निवासियों के बीच समन्वय का परीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि अपनी युद्धक तत्परता और आपसी तालमेल को परखने के लिए राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों और सेना की अन्य इकाइयों ने मेंढर सेक्टर सहित नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास कई अग्रिम ठिकानों के साथ-साथ भीतरी इलाकों में भी एक साथ यह छद्म अभ्यास किया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लोगों को सतर्क रखने और आपात स्थिति के दौरान किए जाने वाले उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसे अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण हैं।
इस बीच, गोपनीय जानकारी मिलने के बाद सेना ने पुंछ के सुरनकोट और मेंढर शहरों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर और चौकियां स्थापित कर सुरक्षा उपाय कड़े कर दिए हैं।
गोपनीय जानकारी के अनुसार, आतंकवादी इस क्षेत्र में घुसपैठ करने या आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मी महत्वपूर्ण स्थानों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।
उनके मुताबिक, स्थानीय लोगों से सुरक्षा जांच में सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा गया है। इसके साथ ही, मुख्य सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी रखते हुए सुरक्षा बलों की गश्त व चौकसी काफी तेज कर दी गई है।
भाषा सुमित नरेश
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