जम्मू-कश्मीर विस में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव पेश होते ही हंगामा, कार्यवाही स्थगित

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जम्मू-कश्मीर विस में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव पेश होते ही हंगामा, कार्यवाही स्थगित

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  • Publish Date - September 25, 2026 / 03:23 PM IST,
    Updated On - September 25, 2026 / 03:23 PM IST

श्रीनगर, 25 सितंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेश का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ और यहां तक कि हाथापाई की नौबत भी आ गई।

विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य विरोध करते हुए आसन के समीप पहुंच गए जिसके बाद भाजपा विधायकों और सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। विधायकों के अपनी सीटों पर वापस नहीं लौटने पर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर ने सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

हंगामा करने पर भाजपा विधायक विक्रम रंधावा को मार्शल के जरिए सदन से बाहर निकाल दिया गया।

भाजपा विधायकों ने प्रस्ताव का विरोध किया, क्योंकि उसमें जून 2000 में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य की नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार द्वारा पारित स्वायत्तता संबंधी प्रस्ताव का भी उल्लेख था।

प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘26 जून 2000 और छह नवंबर 2024 को इस सदन द्वारा पारित प्रस्तावों के साथ, सदन भारत सरकार से जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल और शीघ्र बहाल करने का आह्वान करता है तथा इस प्रस्ताव को भारत सरकार को भेजने का निर्णय करता है।’’

दरअसल फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने 26 जून 2000 को एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें नौ अगस्त 1953 से पहले मौजूद अधिक स्वायत्तता बहाल करने का उल्लेख था।

वहीं, छह नवंबर 2024 को विधानसभा ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया था।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्ताव सदन में पेश किए जाने पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपाकर इसका स्वागत किया। हालांकि, 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव के संदर्भ को लेकर भाजपा सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वे सदन में स्वायत्तता के मुद्दे पर चर्चा नहीं होने देंगे।

भाजपा विधायक आर. एस. पठानिया ने कहा, ‘‘हम सदन में स्वायत्तता के मुद्दे पर चर्चा नहीं होने देंगे।’’

हंगामे के बीच कई विधायकों के बीच तीखी बहस भी हुई और सदन में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा