Senior Officials Suspended News: प्रदेश सरकार ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को किया निलंबित, इस वजह से लिया गया फैसला, आप भी जानें कौन है अधिकारी

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Senior Officials Suspended News: ओडिशा सरकार ने 48 घंटे से ज्यादा जेल में रहे दो वरिष्ठ अधिकारियों को शुक्रवार को निलंबित कर दिया है।

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  • Publish Date - September 25, 2026 / 03:36 PM IST,
    Updated On - September 25, 2026 / 03:42 PM IST

Senior Officials Suspended News|| Image- IBC24 News Archive

HIGHLIGHTS
  • ओडिशा सरकार ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
  • सरकार ने अलग-अलग मामलों में गिरफ्तारी के जेल में रहने के चलते ये फैसला लिया है।
  • निलंबित होने वालों में वाणिज्य एवं परिवहन विभाग के अतिरिक्त सचिव भी शामिल है।

Senior Officials Suspended News: भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने अलग-अलग मामलों में गिरफ्तारी के बाद 48 घंटे से अधिक समय तक जेल में रहे दो वरिष्ठ अधिकारियों को शुक्रवार को निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने वाणिज्य एवं परिवहन विभाग के अतिरिक्त सचिव अरुण कुमार बिस्वाल और चौद्वार सर्किल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक सुजीत कुमार राउला के निलंबन को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।अधिकारी ने कहा, ‘‘सरकारी नियमों के अनुरूप, दोनों अधिकारियों को निलंबित किया गया है क्योंकि उन्हें 48 घंटे से अधिक समय तक जेल में रखा गया।’’

क्यों किया गया था गिरफ्तार

बिस्वाल को एक महिला कर्मचारी के कथित यौन उत्पीड़न और हत्या के प्रयास के आरोप में 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। (Senior Officials Suspended News) भुवनेश्वर के खरवेलनगर थाने में महिला की ओर से दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

क्या है पूरा मामला?

Senior Officials Suspended News: पुलिस के अनुसार, ओडिशा प्रशासनिक सेवा (ओएएस) के अधिकारी बिस्वाल 17 सितंबर की रात महिला के आवास पर गए थे और कथित रूप से हंगामा किया था। उन पर महिला के साथ दुर्व्यवहार और अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप है। वहीं, राउला को पिछले साल उच्च सुरक्षा वाली जेल से हत्या के दो आरोपियों के फरार होने के मामले में दस्तावेजों में कथित हेरफेर के आरोप में 20 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी ओडिशा उच्च न्यायालय द्वारा 29 अगस्त को अंतरिम सुरक्षा वापस लेने और चौद्वार थाने में दर्ज मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद हुई।

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