जम्मू, 10 मई (भाषा) एक सौ दिनों के ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के तहत इस केंद्र शासित प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित 614 प्राथमिकी दर्ज कर 646 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 260 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किये गये। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत पिछले 28 दिनों के भीतर 31 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों को कुर्क और ध्वस्त भी किया गया।
केंद्र शासित प्रदेश में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ चलाए जा रहे सबसे बड़े अभियानों में से एक- ‘नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान’ में बड़े पैमाने पर जनभागीदारी भी देखने को मिली। जम्मू-कश्मीर भर में 2,16,123 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें एक करोड़ से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अभियान के दौरान स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 614 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जबकि 646 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मादक पदार्थों के 435 तस्कर पकड़े गए। प्राधिकारियों ने जम्मू कश्मीर में मादक पदार्थों से जुड़े 160 प्रमुख ‘हॉटस्पॉट’ क्षेत्र की पहचान भी की है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा एवं प्रवर्तन एजेंसियों ने अब तक 260 किलोग्राम से अधिक विभिन्न मादक पदार्थों को जब्त किया है, जिनमें 3.8 किलोग्राम हेरोइन, 32.92 किलोग्राम चरस और 222.31 किलोग्राम गांजा शामिल हैं। इसके अलावा, अभियान के दौरान 21 मरला जमीन में अवैध रूप से उगाई जा रही अफीम की खेती को नष्ट कर दिया गया।
एक मरला भूमि 272.25 वर्ग फुट की होती है।
अधिकारियों ने इस अभियान को एक व्यापक सरकारी पहल और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के दृष्टिकोण का परिणाम बताया।
मादक पदार्थों के नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने इसके तस्करों से जुड़े 37 घरों को सील कर दिया या ध्वस्त कर दिया।
अधिकारियों ने कहा, ‘‘लगभग 25.97 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां जब्त या कुर्क की गईं, जबकि 3.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया गया तथा 1.67 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां भी जब्त की गईं।”
भाषा यासिर सुरेश
सुरेश