जम्मू-कश्मीर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कटरा में संग्रहालय परियोजना की प्रगति का जायजा लिया

जम्मू-कश्मीर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कटरा में संग्रहालय परियोजना की प्रगति का जायजा लिया

जम्मू-कश्मीर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कटरा में संग्रहालय परियोजना की प्रगति का जायजा लिया
Modified Date: September 20, 2026 / 10:06 pm IST
Published Date: September 20, 2026 10:06 pm IST

जम्मू, 20 सितंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की और रियासी जिले के कटरा (श्रद्धालुओं के आधार शिविर का स्थल) में बनने वाले ‘इंटरनेशनल म्यूजियम ऑफ गॉडेस’ की प्रगति की समीक्षा की। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।

यहां लोक भवन में हुई इस बैठक में एसएमवीडीएसबी के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में परियोजना के विभिन्न पहलुओं, जिसमें कार्य का दायरा और अनुमानित लागत शामिल है, पर चर्चा की गई।

प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से संग्रहालय के निर्माण की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसकी परिकल्पना मंदिर से जुड़ी समृद्ध आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, कलात्मक और सभ्यतागत विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से की गई है।

एसएमवीडीएसबी ने आठ फरवरी, 2026 को हुई अपनी 76वीं बैठक में इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।

इसके बाद परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करने के वास्ते 21 मई को जम्मू स्थित लोक भवन में एक बैठक आयोजित की गई थी।

उपराज्यपाल श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।

रविवार को उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में संग्रहालय परियोजना के लिए एक सलाहकार की नियुक्ति को मंजूरी दी गई। साथ ही बोर्ड ने प्रस्तावित संग्रहालय के प्रारंभिक अवधारणा डिजाइन पर भी चर्चा की, जिसे मेसर्स बातुल राज मेहता एंड एसोसिएट्स (बीआरएमए) और मेसर्स टाटा इकोफर्स्ट सर्विसेज लिमिटेड ने प्रस्तुत किया था।

प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड ने कटरा स्थित खेल स्टेडियम के पास बने नौ प्रीमियम अतिथि गृहों के लाइसेंस, संचालन, रखरखाव और प्रबंधन की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।

प्रवक्ता ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस इन अतिथि गृहों में पूरी तरह सुसज्जित दो-बेडरूम वाले आवास हैं और इनका उद्देश्य बेहतर आतिथ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

भाषा संतोष नरेश

नरेश


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