पटना:Bihar Politics: बिहार में हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव को लेकर अब प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जन सुराज ने चुनाव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जन सुराज पार्टी ने याचिका में बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। अब इस मामले में सीजेआई सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच कल शुक्रवार को सुनवाई होगी।
अपनी अर्जी में पीके की पार्टी ने बिहार सरकार पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है। जनसुराज का आरोप है कि बिहार सरकार ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने के बाद मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपए स्थानांतरित किए जो कि आचार संहिता का उल्लंघन है। याचिका में चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 (चुनावी सूची की तैयारी तथा सभी चुनावों के संचालन, निर्देशन और नियंत्रण) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत राज्य में महिला मतदाताओं को सीधे धन हस्तांतरण के मामले में कार्रवाई करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
सुनवाई पर टिकीं देशभर की नजरें
Bihar Politics: अर्जी में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से कम से कम छह महीने पहले तक ऐसी योजनाओं के क्रियान्वयन की न्यूनतम समयसीमा तय करने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि ऐसा नहीं होने पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। जन सुराज का कहना है कि एक तरफ एसआईआर के जरिए मतदाता सूची में बदलाव किए गए और दूसरी ओर रोजगार योजना के नाम पर महिलाओं के खातों में बड़ी राशि ट्रांसफर कर उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की गई, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रभावित हुआ है। अब इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
202 सीटों पर NDA की हुई जीत
बिहार में इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत हुई। एनडीए ने विधानसभा की 243 सीटों में से 202 पर जीत दर्ज की। जबकि इंडिया गठबंधन केवल 41 सीटें ही जीत सका। इस चुनाव में पीके की पार्टी का खाता नहीं खुल सका। जनसुराज पार्टी के ज्यादातर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।