जापान में किले-महलों के साथ वन्यजीव, शिल्प और ग्रामीण पर्यटन पर रहेगा जोर

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जापान में किले-महलों के साथ वन्यजीव, शिल्प और ग्रामीण पर्यटन पर रहेगा जोर

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  • Publish Date - September 23, 2026 / 09:44 PM IST,
    Updated On - September 23, 2026 / 09:44 PM IST

जयपुर, 23 सितंबर (भाषा) राजस्थान जापान के पर्यटन बाजार में अब जयपुर के साथ-साथ राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों और विविध अनुभवों को भी बढ़ावा देगा। तोक्यो में बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे ‘पर्यटन मेला जापान-2026’ में राजस्थान किले-महलों और रेगिस्तान के साथ वन्यजीव, हस्तशिल्प, खान-पान, ग्रामीण जीवन और अनुभव आधारित पर्यटन को भी प्रदर्शित करेगा।

पर्यटन सचिव शुचि त्यागी और पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक (मार्केटिंग) अजय कुमार शर्मा मेले में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़ के अनुसार, राजस्थान इस बार जापान में केवल अपने किले और महल प्रदर्शित नहीं करेगा बल्कि राज्य की वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, हस्तशिल्प, खान-पान, वेलनेस, ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ की संभावनाओं को भी सामने रखा जाएगा।

उन्होंने कहा, कोशिश जापानी पर्यटकों को राजस्थान के लोकप्रिय स्थलों से आगे नए गंतव्यों और स्थानीय अनुभवों से जोड़ने की है।

पर्यटन आयुक्त ने कहा, जापान को लेकर राजस्थान की उम्मीदों का एक आधार वहां से आने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या भी है। वर्ष 2025 में करीब 25,250 जापानी पर्यटक राजस्थान पहुंचे। जयपुर लंबे समय से जापानी यात्रियों के राजस्थान भ्रमण का प्रमुख केंद्र रहा है।

उन्होंने बताया कि अब पर्यटन विभाग इस बाजार को उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, रणथंभौर, भरतपुर और शेखावाटी तक ले जाना चाहता है।

भाषा बाकोलिया

शफीक

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