गुवाहाटी, 26 जून (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि जापान ने भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ के तहत पूर्वोत्तर राज्य के साथ अपनी जारी साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जतायी है।
शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम उनकी भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची से टेलीफोन पर बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों पक्षों ने इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और उद्यमिता जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जतायी।
जापानी राजदूत की यह पुनर्पुष्टि ऐसे समय में आई है जब भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची की असम यात्रा उनके व्यस्त कार्यक्रम और अन्य कारणों से रद्द करके उसे नयी दिल्ली तक सीमित कर दिया गया।
शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “कल शाम भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची का फोन कॉल आने पर प्रसन्नता हुई। उन्होंने भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ के तहत असम के साथ जापानी सरकार की जारी साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।”
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, बुनियादी ढांचा, विनिर्माण और उद्यमिता सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति जतायी। मुख्यमंत्री ने कहा, “आने वाले दिनों में असम, जापानी उद्यमों और संस्थानों के साथ जुड़कर निवेश तथा लोगों के लिए आर्थिक अवसरों को बढ़ाने की दिशा में कार्य करने को उत्सुक है।”
शर्मा ने मंगलवार को कहा था कि यद्यपि ताकाइची की असम यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गई है, लेकिन जापान का एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल “उपयुक्त समय पर” राज्य का दौरा करेगा।
ताकाइची एक से तीन जुलाई तक भारत की यात्रा पर आने वाली हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी।
भाषा अमित वैभव
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