जरांगे की सेहत बिगड़ी; मुंबई दौरा रोका

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जरांगे की सेहत बिगड़ी; मुंबई दौरा रोका

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 08:25 PM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 08:25 PM IST

बीड, 16 सितंबर (भाषा) मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे ने बुधवार को अपना मुंबई दौरा बीड जिले के पाटोदा में रोक दिया जहां वह अनशन के कारण उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का इलाज करा रहे हैं।

यह स्पष्ट नहीं है कि वह महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के लिए अपनी यात्रा फिर शुरू करेंगे या नहीं, जहां उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने की योजना बनाई थी। इससे पहले दिन में जरांगे ने कहा था कि बिगड़ती सेहत के कारण उन्हें मुंबई में आंदोलन जारी रखने की अपनी योजना रद्द करनी पड़ सकती है।

महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने जरांगे से आंदोलन वापस लेने की अपील करते हुए कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है।

बीड जिले के सरकारी सर्जन डॉ. सतीश कुमार सोलंके ने बताया कि अनशन के 19वें दिन बुधवार तड़के पाटोदा पहुंचने वाले जरांगे को सरकारी ग्रामीण अस्पताल से सटे एक मकान में चिकित्सकीय सहायता दी जा रही है।

डॉ. सोलंके ने कहा, ‘उनका रक्तचाप और रक्त शर्करा का स्तर काफी गिर गया था तथा वह निर्जलीकरण से पीड़ित थे। हालांकि, फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है और चिकित्सकों की एक टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।’

जरांगे (44) ने मंगलवार को जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव से मुंबई के लिए 400 किलोमीटर से अधिक लंबी यात्रा शुरू की थी। वह कारों के काफिले के साथ रवाना हुए थे।

पाटोदा में सुबह संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जरांगे ने कहा कि उन्हें पेट और पैरों में तेज जलन महसूस हो रही है।

उन्होंने कहा, ‘अगर मैं इलाज कराता हूं तो सरकार पूरी तरह से बेफिक्र हो जाती है और अगर इलाज रोक दूं तो वे तनाव में आ जाते हैं। मुंबई का यह दौरा मेरी सेहत पर असर डाल रहा है। स्वस्थ रहने पर तो मैं यात्रा जारी रख सकता हूं, लेकिन अनशन जारी रहने के बीच इतनी लंबी यात्रा सही नहीं है। अगर कोई विकल्प नहीं बचा तो यह दौरा रद्द भी किया जा सकता है।’

जरांगे ने अपने समर्थकों से उन्हें अकेले मुंबई जाने देने की भी अपील की।

इससे पहले, मुंबई पुलिस ने गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए जरांगे को आजाद मैदान में आंदोलन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

जरांगे कुनबी जाति वंशावली वाले मराठा समुदाय के सदस्यों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 18 दिनों से अनशन कर रहे हैं।

बीड जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. सतीशकुमार सोलंके ने बताया था कि चिकित्सकों की एक टीम ने उनके स्वास्थ्य की जांच की।

सोलंके ने कहा, ‘मनोज जरांगे को अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जरूरत है। उनके शरीर में पानी की गंभीर कमी है। वह केवल नसों के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड) के सहारे यात्रा जारी नहीं रख सकते।’

पिछले साल जरांगे के आजाद मैदान में अनशन के कारण दक्षिण मुंबई में जनजीवन प्रभावित हुआ था, क्योंकि हजारों समर्थक शहर में पहुंच गए थे। सरकार द्वारा उनकी आठ में से छह मांगें स्वीकार करने और कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने के बाद दो सितंबर 2025 को आंदोलन वापस ले लिया गया था।

इस बार हालांकि, भाजपा नीत राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार द्वारा किसी भी दबाव की रणनीति को बर्दाश्त न करने का संकेत देते हुए मंगलवार को कहा था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है।

उन्होंने गणेश उत्सव के दौरान आंदोलन के समय पर भी सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार ने मराठा प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाई गई ‘कानूनी रूप से वैध’ 13 मांगों में से 12 को स्वीकार कर लिया है।

मौजूदा योजना के अनुसार, जरांगे का काफिला बीड, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ जिले के खोपोली से होते हुए 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचेगा, जो 400 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगा।

जरांगे को अहिल्यानगर, पुणे और रायगढ़ जिले के खोपोली से होते हुए 19 सितंबर को मुंबई पहुंचना था।

मराठा आरक्षण मुद्दे पर गठित मंत्रिमंडलीय उप-समिति के प्रमुख विखे पाटिल ने गणेश उत्सव को देखते हुए जरांगे से मुंबई में प्रस्तावित आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘आंदोलन रोकने के लिए बल प्रयोग करने की कोई योजना नहीं है। इस मुद्दे का समाधान बातचीत और चर्चा से किया जा सकता है। हम उन लोगों से बातचीत कर रहे हैं जिन्होंने आरक्षण के मुद्दे का अध्ययन किया है।’

उन्होंने कहा कि सरकार समुदाय और उसके प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के लिए तैयार है।

एक अन्य मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि कार्यकर्ता द्वारा अब तक रखी गई 14 में से 13 मांगें देवेंद्र फडणवीस सरकार ने पूरी कर दी हैं।

उन्होंने कहा, ‘आप (जरांगे) अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। हमें आपके स्वास्थ्य की चिंता है। हमें डर है कि आंदोलन से हिंदू त्योहारों में बाधा पैदा होगी। पूरे राज्य में गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। पुणे और मुंबई में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां तक कि मराठा समुदाय भी (उत्सव में बाधा) नहीं चाहता। आपको भी ऐसा नहीं करना चाहिए। मनोज जरांगे से हमारी यही (आंदोलन को टाल दें) अपील और निर्देश है।’

भाषा

शुभम नरेश

नरेश