झारखंड : एक और माओवादी का शव मिला, गोलीबारी में मारे गए माओवादियों की संख्या 17 हुई

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झारखंड : एक और माओवादी का शव मिला, गोलीबारी में मारे गए माओवादियों की संख्या 17 हुई

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  • Publish Date - January 23, 2026 / 11:07 PM IST,
    Updated On - January 23, 2026 / 11:07 PM IST

चाईबासा, 23 जनवरी (भाषा) झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के जंगल में एक और माओवादी का शव मिला है, जिससे दो दिनों में सुरक्षाबलों के साथ हुई गोलीबारी में मारे गए माओवादियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सारंडा के जंगल में तलाशी अभियान अब भी जारी है। बृहस्पतिवार को यहां सुरक्षाबलों के साथ हुई गोलीबारी में पतिराम मांझी उर्फ ​​अनल दा समेत कुल 16 माओवादी मारे गए थे, जिन पर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम था।

जंगल युद्ध में विशेषज्ञता रखने वाली केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा इकाई और राज्य पुलिस द्वारा चलाए गए अभियान में मारे गए लोगों में पांच महिलाएं भी शामिल थीं।

देश में वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने के लिए केंद्र द्वारा निर्धारित 31 मार्च, 2026 की समयसीमा नजदीक आने के साथ ही लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मी इस लड़ाई में लगे हुए हैं।

पुलिस महानिरीक्षक-आईजीपी (ऑपरेशन) माइकल राज एस ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने अब तक कुल 17 शव बरामद किए हैं और सुरक्षाबलों द्वारा इलाके में तलाशी अभियान जारी है… हमने उस इलाके को अपने कब्जे में ले रखा है।’’

राज्य पुलिस के प्रवक्ता राज ने कहा कि यह राज्य में नक्सल विरोधी सबसे बड़े अभियानों में से एक है।

यह अभियान सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह द्वारा जिला मुख्यालय चाईबासा में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करने के एक दिन बाद मंगलवार को शुरू हुआ। इस मुलाकात में सारंडा जंगल में अनल और उसके गिरोह की मौजूदगी के बारे में मिली सूचना के बाद रणनीति तैयार की गई थी।

हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद बृहस्पतिवार सुबह गोलीबारी शुरू हुई।

सुरक्षा बल दशकों से प्रतिबंधित सशस्त्र समूह के केंद्रीय समिति सदस्य अनल की तलाश कर रहे थे। वह 1987 से सक्रिय था।

वह तीन मार्च 2006 को बोकारो में सीआईएसएफ शिविर पर हुए हमले से जुड़ा था, जिसमें पांच जवान शहीद हो गए थे और दो अन्य घायल हो गए थे। वह जून 2019 में सेराइकेला-खरसावां जिले के कुकरू हाट में पांच सुरक्षाकर्मियों की हत्या और मई 2025 में ओडिशा में खनन के लिए रखे गए पांच टन विस्फोटक की लूट में भी शामिल था।

पुलिस ने बताया कि झारखंड ने अनल के बारे में जानकारी देने पर एक करोड़ रुपये का इनाम रखा था, जबकि ओडिशा ने 1.2 करोड़ रुपये और आतंकवाद विरोधी एजेंसी एनआईए ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया एक अन्य शीर्ष माओवादी बिहार-झारखंड विशेष क्षेत्र समिति (बीजेएसएसी) का सदस्य अनमोल उर्फ ​​सुशांत है। वह 149 मामलों में वांछित था और उस पर कुल 90 लाख रुपये का इनाम था।

इस अभियान में मारे गए अन्य माओवादियों में क्षेत्रीय समिति का सदस्य अमित मुंडा शामिल है, जिसपर 62 लाख रुपये का इनाम था और वह 96 मामलों में वांछित था। उप-क्षेत्रीय समिति का सदस्य पिंटू लोहार 47 मामलों में वांछित था और उसपर पांच लाख रुपये का इनाम था और लालजीत उर्फ ​​लालू पर पांच लाख रुपये का इनाम था।

अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय समिति के सदस्य राजेश मुंडा, बुलबुल अल्दा, बबीता और पूर्णिमा को भी मार गिराया गया।

कोल्हान और सारंडा को झारखंड में माओवादियों का अंतिम गढ़ माना जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल तक राज्य में 11,000 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया गया, लगभग 250 माओवादी मारे गए और 350 से अधिक ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

भाषा

शुभम रवि कांत