झारखंड : सीआईडी ने परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में जेएसएससी सचिव से पूछताछ की

Ads

झारखंड : सीआईडी ने परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में जेएसएससी सचिव से पूछताछ की

  •  
  • Publish Date - August 18, 2026 / 07:24 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 07:24 PM IST

रांची, 18 अगस्त (भाषा) सीआईडी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में मंगलवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि एक दिन पहले एजेंसी ने आयोग के कार्यालय पर छापा मारा था।

उन्होंने बताया कि सोमवार को छापे के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर गुप्ता से कई घंटे तक पूछताछ की गई।

अधिकारी ने बताया कि एजेंसी ने मामले के सिलसिले में अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और उसकी पत्नी से भी पूछताछ की। अभय तिवारी को भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।

गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएसओ) के पद पर तैनात अभय तिवारी को सीआईडी ने 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था।

अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सीआईडी को पता चला कि तिवारी ने पिछले 13 वर्ष में करीब 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास की थीं।

सीआईडी के अनुसार, इनमें 2018 की पुलिस उपनिरीक्षक परीक्षा, 2013 की नौसेना एसएआर परीक्षा, 2014 की भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) सहायक परीक्षा, आईआरबी कांस्टेबल परीक्षा, 2018 की सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल परीक्षा और 2014 की नॉर्दर्न कोलफील्ड्स (एनसीएल) परीक्षा शामिल हैं।

टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के पूर्व मार्केटिंग मैनेजमेंट कर्मचारी तिवारी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित पीजीटी शिक्षक और संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षाएं भी पास की थीं। इसके अलावा उसने सहायक वन संरक्षक (एसीएफ), वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) और खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) की परीक्षाएं भी पास की थीं।

अधिकारियों ने बताया कि तिवारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित 11वीं और 13वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षाएं भी पास की थीं।

एक अधिकारी ने बताया कि सीआईडी तिवारी की उम्मीदवारी से जुड़े रिकॉर्ड, आवेदन पत्र, दस्तावेज, मूल्यांकन रिकॉर्ड, चयन प्रक्रिया का विवरण और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों द्वारा दी गई अन्य जानकारी की जांच कर रही है।

अधिकारी ने कहा कि तिवारी ने जांचकर्ताओं को बताया कि अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए कथित तौर पर अलग-अलग ‘‘रेट चार्ट’’ इस्तेमाल किए जाते थे और इनकी रकम दो लाख रुपये से लेकर 70 लाख रुपये तक थी।

राज्य सरकार ने सोमवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में से एक मांग यानी जेएसएससी-संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी परिणामों को भी रद्द करने की घोषणा की गई थी।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप