रांची, छह अगस्त (भाषा) झारखंड में भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बृहस्पतिवार को 13वें दिन में प्रवेश कर गया और इस दौरान छह प्रदर्शनकारी अनशन पर हैं। वहीं आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के साथ बातचीत करके गतिरोध दूर करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया।
प्रदर्शन की गूंज बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा तक पहुंची, जहां मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों ने परिसर में नारेबाजी करके छात्रों की मांगों का समर्थन किया।
यह प्रदर्शन 25 जुलाई को यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले शुरू हुआ था और हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बन गया है।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के एक पदाधिकारी ने कहा, ‘‘सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव के जवाब में हमने 11 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल गठित किया है, जिसमें आठ छात्र, दो विशेषज्ञ (पत्रकार) और एक अधिवक्ता शामिल हैं।’’
सरकार के साथ बातचीत का फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बुधवार को दिए गए बयान के एक दिन बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारियों के लिए उनकी सरकार के दरवाजे खुले हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि सरकार की पांच सदस्यीय समिति शाम को प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत कर सकती है।
प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की मांग भी दोहराई।
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। कई विधायक ‘‘जागो सरकार होश में आओ’’ संदेश लिखे मास्क पहने नजर आए।
विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायकों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग की।
भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि सरकार झारखंड के युवाओं के भविष्य को ‘‘बेच’’ रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने एक समिति बनाई है, लेकिन उसे पता होना चाहिए कि किसी को सीआईडी और सरकार की समिति पर भरोसा नहीं है। जांच सीबीआई से होनी चाहिए।’’
दिल्ली में नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कोडरमा से भाजपा विधायक नीरा यादव ने कहा, ‘‘जब आंदोलन दिल्ली में होता है तो कांग्रेस एक मुखौटा पहनती है और झारखंड में दूसरा।’’
झारखंड में कांग्रेस हेमंत सोरेन सरकार की सहयोगी है। कांग्रेस नेता के. राजू ने कहा कि पार्टी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा था कि प्रश्नपत्र लीक की समस्या राष्ट्रीय समस्या है और गतिरोध खत्म करने के लिए बातचीत की पेशकश की थी।
भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों को लेकर गंभीर है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन छात्रों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। आज सार्थक बातचीत संभव है।’’
इस बीच, छात्र संगठनों द्वारा सात और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की घोषणा के मद्देनजर छह से 12 अगस्त तक विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश इन दिनों सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा।
इस बीच प्रदर्शनकारी जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक सुधार की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं।
मंगलवार रात पांच प्रदर्शनकारी, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो के साथ अनशन में शामिल हो गए। महतो पिछले पांच दिनों से अनशन पर हैं।
महतो का रक्त शर्करा और रक्तचाप स्तर काफी गिरने के बाद उनकी तबीयत को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर दिल्ली में हाल में 26 दिन का अनशन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को फोन पर महतो से बात की और स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कम से कम पानी पीने की अपील की। इसके बाद महतो ने पानी पी लिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार से बार-बार अपील के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का यह कड़ा रास्ता अपनाना पड़ा।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के प्रवक्ता जीवन कुमार ने कहा, ‘‘दो महिलाओं समेत हमारे पांच साथी आंदोलन को मजबूत करने और अपनी मांगों के लिए दबाव बनाने के लिए अनशन में शामिल हुए हैं।’’
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अनशन कर रहे ब्रह्मानंद बृहस्पतिवार को प्रदर्शन स्थल पर नजर नहीं आए।
अनशन कर रहीं सबिता कुमारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की चिंताओं को ‘‘नजरअंदाज’’ किया है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन तेज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
एक अन्य प्रदर्शनकारी हबीबा ने मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा, ‘‘मुख्यमंत्री हमारे अभिभावक की तरह हैं। जब बच्चे भूखे रहते हैं तो अभिभावक को भी पीड़ा होती है। हमें उम्मीद है कि वह हमारी समस्याएं सुनेंगे। हमें केवल आश्वासन नहीं, कार्रवाई और न्याय चाहिए।’’
विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को प्रदर्शन स्थल का दौरा किया और 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने तथा कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग दोहराई।
प्रदर्शन तेज होने के साथ ही कथित भर्ती घोटाले की सीआईडी जांच भी तेज हो गई है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया, ‘‘अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बुधवार को गिरफ्तार किए गए पांच लोग भी शामिल हैं। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से 28 जुलाई से अब तक चार बार पूछताछ की जा चुकी है।’’
भाषा अमित नरेश
नरेश