एयरटेल बिजनेस, आईटीआई ने उद्यमों को संयुक्त रूप से डिजिटल समाधान देने के लिए साझेदारी की

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एयरटेल बिजनेस, आईटीआई ने उद्यमों को संयुक्त रूप से डिजिटल समाधान देने के लिए साझेदारी की

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  • Publish Date - August 10, 2026 / 02:19 PM IST,
    Updated On - August 10, 2026 / 02:19 PM IST

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) भारती एयरटेल की कारोबार-से-कारोबार (बी2बी) इकाई एयरटेल बिजनेस और सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी आईटीआई लिमिटेड ने उद्यमों को डिजिटल समाधान उपलब्ध कराने के लिए समझौता किया है।

दोनों कंपनियों ने सोमवार को संयुक्त बयान में कहा कि इस सहयोग से आईटीआई लिमिटेड के कोटे का लाभ उठाकर सार्वजनिक क्षेत्र, विशेषकर रक्षा क्षेत्र में एयरटेल बिजनेस की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

आईटीआई लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राजेश राय ने कहा, “यह आईटीआई लिमिटेड और भारती एयरटेल लिमिटेड के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इस समझौते के माध्यम से हम अपने ग्राहकों को अत्याधुनिक सेवाएं और समाधान उपलब्ध कराएंगे।”

उन्होंने कहा कि यह सहयोग उद्यम क्षेत्र के ग्राहकों की डिजिटल बदलाव से जुड़ी जरूरतों की पहचान करने और उन्हें पूरा करने, तेज संपर्क सुविधा, बड़े स्तर के डेटा केंद्र, साइबर सुरक्षा समाधान और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने का रास्ता तैयार करेगा।

रणनीतिक सहयोग के तहत दोनों कंपनियां देशभर में डिजिटल और दूरसंचार बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएंगी। इसमें तेज उद्यम संपर्क सेवाओं के साथ सुरक्षित डेटा केंद्र और देश में ही संचालित क्लाउड सेवाएं शामिल होंगी।

आजादी के बाद स्थापित देश की पहली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में शामिल आईटीआई लिमिटेड दूरसंचार उपकरणों के विनिर्माण और आपूर्ति का कारोबार करती है।

बयान के अनुसार, दोनों कंपनियां बैंकिंग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों जैसे विनियमित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स के जरिये परिसंपत्तियों की निगरानी, कृत्रिम मेधा आधारित विश्लेषण और साइबर सुरक्षा से जुड़े समाधान उपलब्ध कराएंगी।

एयरटेल बिजनेस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शरत सिन्हा ने कहा कि भारत के डिजिटल विकास के अगले चरण में सुरक्षित और नियमों के अनुरूप डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आईटीआई के साथ साझेदारी का उद्देश्य ऐसी प्रौद्योगिकी सेवाएं विकसित करना है जो कारोबार की निरंतरता को मजबूत करें, नवोन्मेषण को बढ़ावा दें और भारत के सुरक्षित डिजिटल भविष्य में योगदान दें।

भाषा योगेश अजय

अजय