Devendra Nath Mahato: मां को खो दिया, लेकिन लड़ाई नहीं छोड़ी…’ अब सोनम वांगचुक की राह पर निकला यह छात्र नेता, JPSC-JSSC आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार

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रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा है कि भर्ती एजेंसियों में पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक वे अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे। उनके आंदोलन को राज्यभर के युवाओं का समर्थन मिल रहा है।

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 04:21 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 04:30 PM IST

Devendra Nath Mahato / Image Sourc

HIGHLIGHTS
  • JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का विरोध तेज।
  • देवेंद्रनाथ महतो ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग दोहराई।
  • अभिजीत दिपके ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आंदोलन का समर्थन किया।

रांची : Devendra Nath Mahato झारखंड के रांची स्थित जयपाल सिंह स्टेडियम में JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन और तेज हो गया है। इस आंदोलन में छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो लद्दाख के चर्चित कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तर्ज पर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। देवेंद्रनाथ ने कसम खाई है कि जब तक दोनों भर्ती एजेंसियों में पूरी पारदर्शिता और सफाई नहीं होगी, वे अपनी भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। इस आंदोलन को राज्य भर के युवाओं का भारी समर्थन मिल रहा है।

 

कौन हैं देवेंद्रनाथ महतो और क्यों शुरू हुआ यह आंदोलन?

आपकों बता दें की JPSC 14वीं सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स के परिणाम आने के बाद से ही धांधली के आरोप लग रहे हैं। देवेंद्रनाथ का कहना है कि जब गड़बड़ियां सबके सामने हैं, तो भूख हड़ताल ही अंतिम रास्ता बचा था। रांची के राहें प्रखंड से शुरुआत करने वाले देवेंद्रनाथ ने विषम परिस्थितियों में पढ़ाई की। उन्होंने JAC बोर्ड से मैट्रिक और इंटर प्रथम श्रेणी से पास किया। इसके बाद संस्कृत और कुरमाली दो विषयों में प्रथम श्रेणी से एम.ए. और बी.एड. की डिग्री हासिल की।

आंदोलन के दौरान माँ को खोया

आपकों बता दें की 6वीं JPSC परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी माताजी को खो दिया था, लेकिन इसके बावजूद वे पीछे नहीं हटे। Student Protest Update वे पिछले कई सालों से पेपर लीक, स्कॉलरशिप, नियोजन नीति और भर्ती में अनियमितताओं के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। इस आंदोलन को सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना समर्थन दिया है।

युवाओं का बढ़ा समर्थन, बैकफुट पर आ सकता है प्रशासन

झारखंड के हजारों युवाओं की भावनाएं देवेंद्रनाथ महतो के इस अनशन से गहराई से जुड़ चुकी हैं। लगातार उठ रहे धांधली के सवालों और जयपाल सिंह स्टेडियम में जुट रही छात्रों की भीड़ ने प्रशासन और परीक्षा एजेंसियों पर भारी दबाव बना दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

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