जम्मू, छह मई (भाषा) जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय बार संघ की स्थापना के लगभग 99 वर्षों बाद यह औपचारिक रूप से पंजीकृत हो गया है।
यह बार एसोसिएशम के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली ने इस उपलब्धि पर बार एसोसिएशन को बधाई दी और इसे संस्थागत मान्यता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्य न्यायाधीश और उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति में एसोसिएशन के पदाधिकारियों को पंजीकरण प्रमाण पत्र सौंपा गया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल कोतवाल ने इस अवसर को ‘ऐतिहासिक दिन’ बताया।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, “किसी संस्था का पंजीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे कानूनी मान्यता मिलती है और सदस्यों को विभिन्न लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलता है।”
कोतवाल ने कहा कि पंजीकरण न होने के कारण अतीत में हितधारकों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन औपचारिक मान्यता मिलने से अब संस्थागत सहयोग आसान होगा और एसोसिएशन का कामकाज सुचारू रूप से चलेगा।
उन्होंने इस प्रक्रिया में कई अधिकारियों के योगदान को स्वीकार किया, जिनमें जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तजिंदर सिंह राणा, एसएसपी (सीआईडी) जीएल शर्मा और पूर्व उद्योग निदेशक अरुण रैना आदि शामिल हैं।
भाषा जितेंद्र वैभव
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