झामुमो ने ‘असत्यापित’ और ‘विसंगति’ वाले मतदाताओं के लिए आसान एसआईआर सत्यापन की मांग की

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झामुमो ने 'असत्यापित' और ‘विसंगति’ वाले मतदाताओं के लिए आसान एसआईआर सत्यापन की मांग की

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  • Publish Date - June 23, 2026 / 08:05 PM IST,
    Updated On - June 23, 2026 / 08:05 PM IST

रांची, 23 जून (भाषा) झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग से उन मतदाताओं के लिए सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया, जिन्हें मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के दौरान ‘असत्यापित’ और ‘विसंगति’ वाले मतदाताओं के रूप में चिह्नित किया गया है।

पार्टी ने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रक्रिया से अनावश्यक परेशानी हो रही है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कहा कि विसंगति वाले मतदाताओं की सूची पहले ही तैयार की जा चुकी है और असत्यापित मतदाताओं की पहचान भी कर ली गई है। पार्टी ने सवाल उठाया कि इस प्रक्रिया में कई चरणों में नोटिस जारी किए जाने, दस्तावेज जमा करने, सत्यापन और सुनवाई की जरूरत क्यों पड़ी।

असत्यापित (अनमैप्ड) मतदाता ऐसे मतदाता हैं, जिनके नाम और जानकारी का मिलान या सत्यापन साल 2003 की मतदाता सूची से नहीं किया जा सका है।

झामुमो ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “जब समस्या पता है, लोग पता हैं और डेटा भी उपलब्ध है, तो समाधान को आसान बनाने के बजाय पूरी प्रक्रिया को सजा में क्यों तब्दील किया जा रहा है?”

पार्टी ने एक तुलनात्मक चार्ट साझा करते हुए दावा किया कि बिहार में अपनाई गई प्रक्रिया ज्यादा आसान थी, क्योंकि वहां बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) से कहा गया था कि वे ग‍‍णना के चरण के दौरान एसआईआर प्रपत्र के साथ वांछित जानकारी और स्व-सत्यापित दस्तावेज इकट्ठा करें।

झामुमो ने कहा कि हालांकि झारखंड में गणना के चरण में कोई दस्तावेज नहीं इकट्ठा किए जाएंगे। पार्टी ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को पहले नोटिस मिलेंगे, फिर उन्हें दस्तावेज जमा करने होंगे और सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसके बाद सुनवाई होगी।

झामुमो ने दावा किया कि पहले चरण में दस्तावेज इकट्ठा करने से विसंगतियों को आसानी से सुलझाने में मदद मिल सकती है।

भाषा पारुल पवनेश

पवनेश