जेएनयू में नारेबाजी: दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की

जेएनयू में नारेबाजी: दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की

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  • Publish Date - January 7, 2026 / 10:46 PM IST,
    Updated On - January 7, 2026 / 10:46 PM IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित नारेबाजी को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की एक शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज की है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सोमवार शाम को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में साबरमती ढाबा पर छात्रों की एक सभा के दौरान कथित तौर पर लगाए गए नारों के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 353 (1) (सार्वजनिक उपद्रव वाले बयान) और 3 (5) (सामान्य इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

मंगलवार को वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस थाने में जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने कहा कि मामला तब दर्ज किया गया जब जेएनयू प्रशासन ने नारों को ‘अत्यधिक आपत्तिजनक, उत्तेजक और भड़काऊ’ बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की।

शिकायत के अनुसार, कार्यक्रम शुरू में पांच जनवरी, 2020 को जेएनयू परिसर में हुई हिंसा की बरसी पर आयोजित किया गया था, लेकिन उच्चतम न्यायालय द्वारा 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करने के बाद इसकी प्रकृति कथित तौर पर बदल गई।

विश्वविद्यालय ने आरोप लगाया है कि कुछ नारे अदालत की अवमानना ​​​​के समान हैं और जेएनयू आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं, जिसके कारण पुलिस शिकायत और आंतरिक जांच दोनों हुईं।

हालांकि, छात्र नेताओं ने दावा किया है कि नारे वैचारिक प्रकृति के थे और वार्षिक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थे। उन्होंने व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के किसी भी इरादे से इनकार किया।

पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

भाषा तान्या वैभव

वैभव