जेएनयू कुलपति ने छात्रों पर पत्नी को बंधक बनाने का लगाया आरोप, छात्र संघ ने दिया स्पष्टीकरण

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जेएनयू कुलपति ने छात्रों पर पत्नी को बंधक बनाने का लगाया आरोप, छात्र संघ ने दिया स्पष्टीकरण

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  • Publish Date - March 26, 2019 / 06:20 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:04 PM IST

नई दिल्ली। पिछले 7 दिन से हड़ताल पर बैठे जेएनयू के छात्रों का गुस्सा अब फूटने लगा है। इसी के चलते सोमवार शाम छात्रों की भीड़ ने वाइस चांसलर जगदीश कुमार के आवास का घेराव किया। जिस पर जगदीश कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके घर में तोड़फोड़ की गई और पत्नी को 3 घंटे तक बंधक बनाया गया।

 

वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि जेएनयू छात्रों ने सोमवार शाम वीसी के घर तक मार्च निकालने का आह्वान किया था। लेकिन छात्र कुलपति के घर पहुंचने के बाद उनके घर के अंदर घुसने की कोशिश करने लगे।जिसे सुरक्षा गार्ड ने रोक दिया था। जो काफी हंगामे के बाद शांत होकर लौट गए थे।

 

वहीं जेएनयू के कुलपति ने ट्वीट कर जानकरी दी कि आज शाम छात्रों ने जबरन मेरे जेएनयू आवास में तोड़फोड़ की और पत्नी को कई घंटों तक घर के अंदर कैद रखा, जबकि मैं एक बैठक में था। अगर छात्रों को मुझसे बात करनी है या विरोध जाताना है तो इसका तरीका ये नहीं होता।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के लेफ्ट विंग के छात्रों के कथित हंगामे के बाद अब जेएनयू छात्र संघ ने अपना स्पष्टीकरण दिया है। छात्र संघ ने कहा है कि मार्च को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। छात्र केवल मिलकर वाइस चांसलर से कुछ सवाल पूछना चाहते थे लेकिन गार्डों ने उनके साथ मारपीट की. छात्र पिछले 7 दिनों से भूख हड़ताल पर है। छात्र संघ का यह भी कहना है कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष एन साई बालाजी घटनास्थल पर ही बेहोश हो गए जिन्हें बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया. अभी भी उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. 11 छात्र पिछले 7 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी तबियत लगातार खराब हो रही है. पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गीता कुमारी को ह्रदय गति और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत बढ़ गई है। इन सारी समस्या को लेकर हम कुलपति से मिलने गए थे। लेकिन हमे हिंसक साबित कर हमारी आवाज़ दबाई जा रही है।

वही एम जगदीश कुमार, जेएनयू के कुलपति का कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हम छात्रों के अधिकारों का सम्मान करते हैं, लेकिन गैरकानूनी साधनों का उपयोग करना और हिंसक तरीके से व्यवहार करना जेएनयू छात्रों से अपेक्षित नहीं है। एक शिक्षक और जेएनयू का प्रमुख होने के नाते, मैं उन्हें माफ कर दूँगा। मुझे उम्मीद है कि वे खुद को सुधार लेंगे।