कोटा, 21 अप्रैल (भाषा) शीर्ष स्थान हासिल करने वालों के बारे में एक मिथक यह है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिन में 15 घंटे पढ़ते हैं, जबकि अभ्यर्थियों को अधिक से अधिक मात्रा में पढ़ने की बजाय गुणवत्तापूर्ण अध्ययन को प्राथमिकता देने की जरूरत है। वर्ष 2026 की संयुक्त प्रवेश परीक्षा-मेन(जेईई-मेन) में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले कबीर छिल्लर ने यह बात कही।
छिल्लर ने जेईई-मेन में पूरे के पूरे 300 अंक हासिल किये थे। गुरुग्राम के मूल निवासी छिल्लर के पिता भी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के छात्र रह चुके हैं।
छिल्लर का लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है। वह आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक करने के बाद अमेरिका के मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी)में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।
पढ़ाई के प्रति अपने दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘स्वाध्याय के दौरान मैं सीखने की गुणवत्ता को मात्रा से अधिक प्राथमिकता देता हूं।’’
जेईई-मेन-2026 के सत्र-दो के परिणाम सोमवार देर शाम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा घोषित किए गए।
छिल्लर के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा के बाद उन्होंने आत्म-विश्लेषण किया और उन विशिष्ट क्षेत्रों पर गहनता से ध्यान केंद्रित किया जहां उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना।
उन्होंने कहा कि नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ प्रत्येक प्रश्न पत्र का गहन विश्लेषण करने से उनकी सटीकता और समय प्रबंधन दोनों में लगातार सुधार हुआ।
छिल्लर ने कहा, ‘स्पष्ट वैचारिक समझ सर्वोपरि है। रटने के बजाय, मेरी सबसे बड़ी ताकत हर विषय को गहराई से समझने और उस ज्ञान को लागू करने की मेरी क्षमता रही है।’’
छिल्लर ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई को छोटे-छोटे, सुलभ लक्ष्यों में बाँटा, संक्षिप्त नोट्स बनाए और नियमित पुनरावलोकन को अपनी आदत बना लिया।
मानसिक रूप से तरोताज़ा रहने के लिए छिल्लर अपने दोस्तों के साथ समय बिताते थे।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मेन) भारत भर के कॉलेजों में इंजीनियरिंग, वास्तुकला और विभिन्न तकनीकी स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक परीक्षा है।
कबीर छिल्लर कोटा के एलन करियर इंस्टीट्यूट के उन चार छात्रों में शामिल हैं जिन्होंने शीर्ष 10 के तहत 5वीं, छठी और आठवीं रैंक हासिल की है।
एलन करियर इंस्टीट्यूट के सीईओ नितिन कुकरेजा ने बताया कि संस्थान के कुल 39 छात्र शीर्ष 100 में शामिल थे।
कोचिंग संस्थान के हैदराबाद केंद्र में पढ़ने वाले ऋषि प्रेमनाथ ने भी आठवीं रैंक हासिल की है।
कुकरेजा ने दावा किया कि शीर्ष 20 में से नौ और शीर्ष 100 में से 39 छात्र ‘एलन क्लासरूम’ से हैं। उन्होंने कहा कि परिणामों की प्रामाणिकता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एलन ने अपने परिणामों का सत्यापन देश की अग्रणी ऑडिट कंपनी ‘ईवाई इंडिया’ से करवाया है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों के परिणामों के मुताबिक आईआईटी में प्रवेश पाने वाले प्रत्येक चौथे छात्र एलन करियर इंस्टीट्यूट से है।
जेईई-मेन 2026 में रिकॉर्ड 15.3 लाख से अधिक छात्र उपस्थित हुए। दोनों सत्रों में मिलाकर 26 छात्रों को 100 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए।
कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटी के पूर्व छात्र हैं और वर्तमान में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां प्रियंका छिल्लर एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं।
इससे पहले कबीर ने 10वीं की परीक्षा 98 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी।
भाषा संतोष रंजन
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