कन्नूर: लेखक वी.एस. अनिलकुमार के घर के बाहर पुष्पचक्र मिला, विपक्ष ने माकपा की आलोचना की

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कन्नूर: लेखक वी.एस. अनिलकुमार के घर के बाहर पुष्पचक्र मिला, विपक्ष ने माकपा की आलोचना की

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  • Publish Date - February 19, 2026 / 05:49 PM IST,
    Updated On - February 19, 2026 / 05:49 PM IST

कन्नूर, 19 फरवरी (भाषा) केरल के कन्नूर स्थित कन्नापुरम में बृहस्पतिवार को लेखक और आलोचक वी.एस. अनिलकुमार के घर के बाहर एक पुष्पचक्र रखा हुआ मिला। पुलिस ने यह जानकारी दी।

अनिलकुमार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के निष्कासित नेता वी कुन्हीकृष्णन द्वारा लिखित पुस्तक की पहली प्रति प्राप्त हुई थी। कुन्हीकृष्णन ने आरोप लगाया था कि पय्यानूर से पार्टी विधायक टी आई मधुसूदनन ने वामपंथी पार्टी के एक दिवंगत कार्यकर्ता के परिवार की सहायता के लिए एकत्र किए गए एक करोड़ रुपये का गबन किया था।

कन्नापुरम पुलिस थाने के अधिकारियों के अनुसार, अनिलकुमार ने सुबह अपने घर के गेट के पास पुष्पचक्र मिलने के बाद शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने बताया कि अनिलकुमार के बेटे ने फुटबॉल कोचिंग के लिए घर से निकलते समय सबसे पहले पुष्पचक्र देखा।

पुलिस के अनुसार, अनिलकुमार ने अपनी शिकायत में किसी भी व्यक्ति के खिलाफ संदेह नहीं जताया है।

अधिकारियों ने बताया कि जांच के तहत घर और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे जाएंगे और लेखक का विस्तृत बयान लेने के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।

अनिलकुमार ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार, दोनों की आलोचना की थी। उन्होंने कुन्हीकृष्णन द्वारा लगाए गए आरोपों के मद्देनजर पय्यानूर में माकपा के खिलाफ भी रुख अपनाया था।

इस बीच, घटना के बाद कई लोगों ने अनिलकुमार के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

सुबह-सुबह फेसबुक पर उन्हें टैग करते हुए कई पोस्ट सामने आए, जिनमें लेखक के प्रति एकजुटता जाहिर की गई।

इसी बीच, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने आरोप लगाया कि लेखक वी एस अनिलकुमार के घर के बाहर पुष्पचक्र रखने का कृत्य उस “प्राचीन और हिंसक संस्कृति” को दर्शाता है जिसे माकपा ने बनाए रखा है।

सतीशन ने कहा, ‘‘प्रकाशित पुस्तक हासिल करने के विरुद्ध अनिलकुमार के घर के बाहर पुष्पचक्र रखा गया है। यह जान से मारने की धमकी है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व करने वाली पार्टी के समर्थकों द्वारा अंजाम दी गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह माकपा में आई गिरावट के स्तर को दर्शाता है। भाजपा और माकपा में क्या अंतर रह जाता है यदि दोनों ही पार्टियां और सरकार अपनी आलोचना के खिलाफ हैं? यह असहिष्णुता है।’’

सतीशन ने आरोप लगाया कि माकपा, संघ परिवार और भाजपा की ही दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि हमने पहले भी कहा है, वामपंथी खुद इस सरकार से असहज हैं। उनमें से एक बड़ा वर्ग अब हमारे साथ है, क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि यह वामपंथी नहीं, बल्कि एक अति दक्षिणपंथी है।’

अनिलकुमार के पिता दिवंगत एम एन विजयन का जिक्र करते हुए, सतीशन ने कहा कि वह एक ऐसे आलोचक थे, जिन्होंने सवाल उठाने का साहस किया और ऐसा करने के लिए उन्हें अक्सर पार्टी के मंचों पर निशाना बनाया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘उनके बेटे को भी अब इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को इसका जवाब देना चाहिए। यह सब खत्म होना चाहिए।’’

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश