(तस्वीरों के साथ)
देहरादून, 22 जून (भाषा) उत्तराखंड के नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंग सिखों और प्रशासन के बीच पिछले 48 घंटों से चल रहे गतिरोध के बीच कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई घटना के संबंध में घायल एक सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर भी प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है तथा दोनों मुकदमों की जांच हरिद्वार जिले में स्थानांतरित कर दी गयी है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी ।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद मारपीट के दौरान निहंगों ने कथित तौर पर तलवारबाजी कर चार स्थानीय लोगों को घायल कर दिया था। घटना में एक सिख श्रद्धालु मनप्रीत सिंह भी घायल हुआ था। बाद में कर्णप्रयाग थाने में सिंह सहित पंजाब के मोहाली के रहने वाले चार निहंग सिख श्रद्धालुओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
निहंग सिख श्रद्धालुओं के खिलाफ कथित एकतरफा कार्रवाई के विरोध में तथा अपने गिरफ्तार साथियों को छोड़े जाने की मांग को लेकर 20 जून को करीब आधा दर्जन निहंग अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ रुद्रप्रयाग जिले में स्थित नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़े हुए हैं और प्रशासन द्वारा बातचीत कर उन्हें नीचे उतरने के लिए मनाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्य पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कर्णप्रयाग घटना में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर भी अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ 20 जून को प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है तथा दोनों मामलों की जांच हरिद्वार जिले में स्थानांतरित कर दी गयी है। दोनों मुकदमों की जांच हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर की निगरानी में की जाएगी।
इसके अलावा, विभिन्न सिख संगठनों द्वारा प्रकरण में पुलिस के कथित व्यवहार और आचरण को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपने का निर्णय भी लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, उप महानिरीक्षक यशवंत सिंह को जांच सौंपते हुए उन्हें दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
पुलिस मुख्यालय स्तर पर ये निर्णय गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप की संस्तुति के आधार पर लिए गए हैं।
इस संबंध में स्वरूप में कहा कि राज्य पुलिस सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का पूर्ण सम्मान करती है तथा प्रत्येक प्रकरण में कानून के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं न्यायसंगत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी अत्यंत पवित्र यात्रा है, जो पुलिस एवं प्रशासन के समन्वित प्रयासों से सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सम्मान एवं सुविधा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भाषा दीप्ति
धीरज
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