कर्नाटक : भाजपा ने तुमकुरु में आयोजित कार्यक्रम को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निशाना साधा

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कर्नाटक : भाजपा ने तुमकुरु में आयोजित कार्यक्रम को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निशाना साधा

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 05:37 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 05:37 PM IST

बेंगलुरु, 19 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया और उसके तीन साल पूरे होने पर तुमकुरु में जश्न मनाने के लिए कार्यक्रम के आयोजन पर सवाल उठाया।

विजयेंद्र ने प्रशासन पर विकास, कृषि, अवसंरचना, रोजगार और शासन के क्षेत्र में ‘विफल’ होने का आरोप लगाया।

भाजपा नेता ‘कर्नाटक को विकास की ओर ले जाने’ से संबंधित कार्यक्रम का जिक्र कर रहे थे, जो कि राज्य में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर तुमकुरु में आयोजित किया गया था।

बेंगलुरु में पत्रकारों को संबोधित करते हुए विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह कल्याणकारी योजनाओं को अपनी एकमात्र उपलब्धि के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सरकार पर इन योजनाओं का उपयोग चुनावी रणनीति के रूप में करने का आरोप लगाया।

विजयेंद्र ने सरकार द्वारा ‘गारंटी महोत्सव’ के रूप में प्रचारित किए जा रहे इस कार्यक्रम का जिक्र करते हुए पूछा “आपने यह कार्यक्रम किस उपलब्धि के लिए आयोजित किया है? आपने वास्तव में पिछले तीन वर्षों के दौरान क्या हासिल किया है?”

विजयेंद्र के अनुसार, राज्य सरकार सड़कों, सिंचाई परियोजनाओं, अस्पतालों और स्कूलों को प्राथमिकता देने में ‘विफल’ रही, और यहां तक ​​कि बेंगलुरु के गड्ढों की समस्या का भी समाधान नहीं हो पाया है।

इसके साथ ही उन्होंने यह दावा किया कि सरकार ने कृषि क्षेत्र की उपेक्षा की और सूखा तथा बाढ़ की स्थितियों में किसानों को सहायता करने में विफल रही।

उन्होंने प्रशासन पर निवेश समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने के बावजूद रोजगार के अवसर सृजित न कर पाने का आरोप लगाया।

भाजपा नेता ने आरक्षण नीतियों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बावजूद भ्रम की स्थिति पैदा की गई है।

बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा सरकार का जिक्र करते हुए विजयेंद्र ने दावा किया कि भाजपा के कार्यकाल के दौरान अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और खानाबदोश समुदायों के लिए न्याय सुनिश्चित किया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘जब वाल्मीकि विकास निगम घोटाला सामने आया था, तभी मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए था।’

उन्होंने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सरकारी कामकाज की भी आलोचना करते हुए कहा, ‘राज्य भर में शिक्षकों के 40,000 से अधिक पद खाली पड़े हैं।’ उन्होंने दावा किया कि हजारों ग्रामीण ग्रंथालय बंद हो रहे हैं।

भाषा प्रचेता मनीषा

मनीषा