कर्नाटक: मंत्रिमंडल ने मनरेगा की जगह नया कानून लाने के केंद्र के फैसले की निंदा की

कर्नाटक: मंत्रिमंडल ने मनरेगा की जगह नया कानून लाने के केंद्र के फैसले की निंदा की

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  • Publish Date - January 3, 2026 / 09:48 AM IST,
    Updated On - January 3, 2026 / 09:48 AM IST

बेंगलुरु, तीन जनवरी (भाषा) कर्नाटक मंत्रिमंडल ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय के ग्रामीण रोजगार कानून ‘मनरेगा’ को खत्म कर ​​​​​​​​​​​​​​विकसित भारत-रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम लाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार की कड़ी निंदा की।

राज्य के कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने केंद्र के इस कदम को संघीय भावना के साथ विश्वासघात करार दिया।

संसद के हाल ही में संपन्न शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के भारी विरोध के बीच वीबी-जी राम जी विधेयक पारित किया गया था।

नये अधिनियम में ग्रामीण श्रमिकों के लिए 125 दिनों के वैतनिक रोजगार का प्रावधान है।

पाटिल ने शुक्रवार को मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल ने मनरेगा योजना को खत्म करने के केंद्र सरकार के कदम पर हैरानी जताई और इसकी निंदा की।

उन्होंने कहा कि केंद्र का यह कदम काम के अधिकार व 100 दिनों के रोजगार के विशेषाधिकार को छीनने जैसा है और यह कामकाज के केंद्रीकृत स्वरूप को बढ़ावा देता है।

मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस योजना के साथ राजनीति कर रही है, राज्य सरकार को कमजोर कर रही है और संघीय ढांचे के साथ विश्वासघात कर रही है।

पाटिल ने बताया कि मंत्रिमंडल ने बेल्लारी में हुई हिंसा पर भी चर्चा की और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निलंबित कर दिया।

बेल्लारी में बृहस्पतिवार रात को कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और भाजपा विधायक जी जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच बैनर को लेकर हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

भाषा सुमित जितेंद्र

जितेंद्र