चंडीगढ़, पांच जनवरी (भाषा) हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने गुरुग्राम की एक आवासीय सोसाइटी में गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को पार्किंग की अनुमति नहीं देने के मामले पर संज्ञान लिया है।
आयोग ने कहा है कि शिकायतकर्ता को सोसाइटी स्टाफ की ओर से मानसिक उत्पीड़न, भेदभाव व अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं और उन्हें सप्ताह में तीन बार ‘डायलिसिस’ कराना होता है।
शिकायत में बताया गया है कि वह पत्नी के साथ इस आवासीय सोसाइटी में रहते हैं। उनकी पत्नी एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं और परिवार में कमाने वाली एकमात्र सदस्य हैं। उनकी दो नाबालिग बेटियां भी हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सोसाइटी/बिल्डर स्टाफ ने उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को नजरअंदाज करते हुए कार परिसर में पार्क करने की अनुमति नहीं दी, हालांकि कुछ दिन पहले उन्हें इसकी अनुमति दी गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्किंग सुविधा केवल उन्हीं निवासियों को दी जाती है जो कर्मचारियों को जानते हैं या जो अवैध रूप से पैसे देते हैं, जबकि उन्हें और उनके परिवार को मानसिक उत्पीड़न व भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
जैन ने 24 दिसंबर 2025 के अपने आदेश में कहा कि प्रारंभिक रूप से यह प्रतीत होता है कि गंभीर और जानलेवा बीमारी से पीड़ित शिकायतकर्ता को बिल्डर/सोसाइटी स्टाफ की ओर से मानसिक उत्पीड़न, भेदभाव व अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की पूरी जानकारी होने के बावजूद, पार्किंग जैसी बुनियादी व उचित सुविधा की जानबूझकर अनुमति न देने के कारण उन्हें अनावश्यक शारीरिक कष्ट, मानसिक पीड़ा और अपमान का सामना करना पड़ा।
मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, जैन ने गुरुग्राम के उपायुक्त को निर्देश जारी किए और इस मामले में नोडल प्राधिकरण के रूप में कार्य करने के आदेश दिए।
गुरुग्राम के उपायुक्त को निर्देश दिया गया है कि आरोपों की जांच “किसी वरिष्ठ एवं जिम्मेदार राजपत्रित अधिकारी के माध्यम से” कराई जाए और शिकायतकर्ता की गंभीर चिकित्सकीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि उसे तत्काल आवश्यक राहत प्रदान की जाए।
गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त को बिल्डर/सोसायटी के कर्मचारियों की ओर से किए गए कथित “उत्पीड़न और भेदभावपूर्ण आचरण” के आरोपों की जांच करने तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि शिकायतकर्ता को आगे किसी भी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) के सहायक रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को आदेश में उल्लिखित बिंदुओं पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई की तारीख 18 फरवरी से एक सप्ताह पहले आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
भाषा जोहेब मनीषा
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