आरएसएस के इतिहास का अध्ययन कर रही कर्नाटक सरकार, आगे की कार्रवाई बाद में तय होगी : प्रियंक खरगे

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आरएसएस के इतिहास का अध्ययन कर रही कर्नाटक सरकार, आगे की कार्रवाई बाद में तय होगी : प्रियंक खरगे

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  • Publish Date - August 8, 2026 / 03:41 PM IST,
    Updated On - August 8, 2026 / 03:41 PM IST

बेंगलुरु, आठ अगस्त (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ कानून के दायरे में कार्रवाई करेगी और उन्होंने संकेत दिया कि आगे का कदम तय करने से पहले संघ एवं उसके इतिहास का अध्ययन किया जा रहा है।

खरगे ने यहां संवाददाताओं से कहा कि वह आरएसएस को ‘‘कानूनी दायरे’’ में लाएंगे।

पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि संघ के पंजीकरण समेत विभिन्न मुद्दों पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लिखे उनके पत्र का कोई जवाब मिला है या नहीं, तो खरगे ने हंसते हुए कहा कि उन्हें जवाब की उम्मीद ही नहीं थी।

मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने आपसे कहा था कि जवाब नहीं आएगा, है न? मैंने यह भी कहा था कि हम इस मामले से उचित तरीके से निपटेंगे। हम जो भी करेंगे, वह कानून के दायरे में होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वे (आरएसएस) कानूनी दायरे से बाहर हैं। मैं उन्हें इसके दायरे में लाऊंगा।’’

खरगे ने कहा कि इस मुद्दे को उठाए करीब डेढ़ महीना हो गया है और आगे बढ़ने से पहले सरकार को आरएसएस एवं उसके इतिहास का अध्ययन करने के लिए समय चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उसके 100 साल के इतिहास का अध्ययन कर उसे समझना होगा। उन्हें खुद अपने इतिहास की जानकारी नहीं है।’’

खरगे ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘अब बताया जा रहा है कि उन्होंने हाल में ‘जेन-जी’ के कुछ लोगों से मुलाकात की। क्या पहले उनकी पिटाई करना और फिर उनका समर्थन करना ही उनका तरीका है?’’

‘जेन जी’या ‘जनरेशन जी’ उन लोगों की पीढ़ी को कहते हैं, जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि किसी को देशभक्त या देशद्रोही होने का प्रमाणपत्र देने का अधिकार आरएसएस को किसने दिया।

मंत्री ने कहा, ‘‘वे खुद पंजीकृत नहीं हैं और दूसरों को प्रमाणपत्र देते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘क्या मैं तय कर सकता हूं कि कोई देशभक्त है या देशद्रोही? वे कौन होते हैं यह तय करने वाले? वे कौन होते हैं, इस तरह के प्रमाणपत्र बांटने वाले?’’

यह पूछे जाने पर कि उनके पत्र का जवाब नहीं मिलने पर सरकार क्या कार्रवाई करेगी, खरगे ने कहा कि सरकार अपनी योजना के मुताबिक आगे बढ़ेगी, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी देने से इनकार कर दिया।

भाषा सिम्मी दिलीप

दिलीप