कर्नाटक नेतृत्व मुद्दा : सिद्धरमैया, शिवकुमार करेंगे कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात

Ads

कर्नाटक नेतृत्व मुद्दा : सिद्धरमैया, शिवकुमार करेंगे कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात

  •  
  • Publish Date - May 25, 2026 / 09:11 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 09:11 PM IST

बेंगलुरु, 25 मई (भाषा) कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री के 26 मई को कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात करने वाले हैं।

सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा कि उन्हें कांग्रेस आलाकमान ने 26 मई को दिल्ली में एक बैठक के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, सिद्धरमैया ने कहा कि उन्हें बैठक के एजेंडे के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

हालांकि शिवकुमार ने पहले कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें बुलाएगा तो वह राष्ट्रीय राजधानी जाएंगे, लेकिन बाद में उन्होंने पुष्टि की कि वह जा रहे हैं।

दिल्ली दौरे के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझसे दिल्ली आने के लिए कहा गया है। कल पूर्वाह्न 11 बजे एक बैठक है। मुझे एजेंडे के बारे में पता नहीं है, लेकिन मुझे आमंत्रित किया गया है। कल रात के सी वेणुगोपाल (कांग्रेस महासचिव-संगठन) ने मुझे फोन करके बैठक की तारीख के बारे में बताया।’’

आलाकमान के साथ उनकी मुलाकात को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, “ये अटकलें तो हमेशा रहती हैं।”

मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कुछ मंत्री, जैसे सतीश जारकीहोली, जी परमेश्वर, एच. सी. महादेवप्पा और कुछ अन्य भी दिल्ली जा रहे हैं।

इस बीच, दिल्ली दौरे को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने कहा, ‘कुछ खास परिस्थितियों में मुझे जाना ही पड़ेगा, मैं जा रहा हूं।’

मीडिया के साथ साझा की गई उपमुख्यमंत्री के दौरे की योजना के अनुसार, शिवकुमार आज रात दिल्ली के लिए रवाना होंगे और मंगलवार को केंद्रीय मंत्रियों से मिलेंगे। उनकी वापसी की यात्रा अभी तय नहीं है।

इससे पहले दिन में उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा था, “अगर मुझे (आलाकमान द्वारा) बुलाया जाता है, तो मैं जाऊंगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता सुरजेवाला (कर्नाटक के प्रभारी कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, जो बेंगलुरु में हैं) क्या कहेंगे। मैं उनसे पूछूंगा। अगर वे मुझे (दिल्ली) आने के लिए कहेंगे तो मैं जाऊंगा। अन्यथा मैं यहीं रहूंगा।’

मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देने से बचते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘मुझे इसके बारे में जानकारी नहीं है, मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, यह मेरा काम नहीं है।’

कर्नाटक में 20 मई को कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर अटकलें जारी हैं।

पार्टी और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हालांकि कांग्रेस आलाकमान द्वारा सिद्धरमैया और उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर खींचतान को सुलझाने पर चर्चा किये जाने की व्यापक संभावना है, लेकिन कर्नाटक की चार राज्यसभा सीट के आगामी चुनाव पर भी चर्चा हो सकती है, जिनमें से कांग्रेस तीन सीट जीत सकती है। राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू किये जाने का मुद्दा भी बैठक में शामिल हो सकता है।

यहां पत्रकारों से बात करते हुए सुरजेवाला ने कहा, ‘राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है, विधान परिषद चुनाव उसके बाद होंगे। पार्टी का परामर्श जारी है। इसलिए अटकलें न लगाएं। मैं अन्य सभी अटकलों को खारिज करता हूं।’

इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा कर्नाटक के पार्टी नेताओं से 2028 में पार्टी की जीत के लिए काम करने को कहे जाने के सवाल पर शिवकुमार ने कहा, ‘इसे लिख लीजिए: 2028 में यही डी.के. शिवकुमार, कांग्रेस सरकार सत्ता में होगी।’

उन्होंने कहा, ‘उन्हें (नवीन को) जो कहना है कहने दीजिए। अमित शाह ने 2023 में क्या कहा था – कि भाजपा को 122 सीट मिलेंगी और उन्होंने अपने पार्टी नेताओं को शपथ ग्रहण की तैयारी करने को कहा था। मैंने कहा था कि कांग्रेस 136 सीट जीतेगी…।’’

शिवकुमार के समर्थक 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनने को लेकर हुए कथित समझौते के तहत उनकी (शिवकुमार) पदोन्नति पर जोर दे रहे हैं।

सिद्धरमैया ने कहा है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। उन्होंने कहा है कि वह आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे और पार्टी द्वारा बुलाए जाने पर चर्चा के लिए दिल्ली जाएंगे।

शिवकुमार ने लगातार यही कहा है कि वह कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे और मुख्यमंत्री पद पर परिवर्तन के संबंध में परिणाम समय के साथ पता चल जाएगा।

पार्टी के कई नेता चिंतित हैं कि नेतृत्व का मुद्दा शासन और कांग्रेस सरकार की छवि पर असर डाल रहा है। उन्होंने खुले तौर पर मांग की है कि 2028 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में पार्टी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आलाकमान इस मुद्दे को सुलझाए।

पार्टी में कई एएचआईएनडीए (अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों और दलितों के लिए कन्नड़ संक्षिप्त नाम) नेता, जिन्हें सिद्धरमैया के खेमे का हिस्सा माना जाता है, चाहते हैं कि नेतृत्व परिवर्तन होने पर उनके ही किसी व्यक्ति को इस पद पर बिठाया जाए। इसके अलावा, एक ‘दलित मुख्यमंत्री’ की भी मांग है, जिसके चलते पार्टी के एक वर्ग द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और गृहमंत्री जी परमेश्वर का नाम भी सामने रखा जा रहा है।

मंत्री पद के इच्छुक कांग्रेस विधायकों के एक बड़े वर्ग की ओर से मंत्रिमंडल में फेरबदल की मांग जोर पकड़ रही है, ताकि मौजूदा कुछ मंत्रियों को हटाकर उनमें से कुछ को मंत्री बनाया जा सके। कुछ इच्छुक विधायक इस संबंध में पार्टी आलाकमान से मिलने दिल्ली भी जा चुके हैं; उनमें से कुछ इस महीने के अंत तक फेरबदल के लिए दबाव बनाने के वास्ते दिल्ली के एक और दौरे की योजना बना रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में फेरबदल के पक्षधर हैं, जबकि शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर निर्णय ले।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, अगर कांग्रेस आलाकमान मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंजूरी दे देता है, तो यह संकेत होगा कि मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, जिससे शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने की संभावना समाप्त हो जाएगी।

भाषा

अमित माधव

माधव