Karnataka Transport Minister Byrathi Suresh: ‘छुट्टे पैसे नहीं हैं तो उतर जाओ’ कंडक्टर ने परिवहन मंत्री को ही उतार दिया बस से, ऑटो रिक्शा वाले ने भी लगाया चूना

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Karnataka Transport Minister Byrathi Suresh: 'छुट्टे पैसे नहीं हैं तो उतर जाओ' कंडक्टर ने परिवहन मंत्री को ही उतार दिया बस से, ऑटो रिक्शा वाले ने भी लगाया चूना

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 12:50 PM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 12:51 PM IST

Karnataka Transport Minister Byrathi Suresh: 'छुट्टे पैसे नहीं हैं तो उतर जाओ' कंडक्टर ने परिवहन मंत्री को ही उतार दिया बस से, ऑटो रिक्शा वाले ने भी लगाया चूना / Image: AI Generated and Viral Video

HIGHLIGHTS
  • रिवहन मंत्री आम यात्री बनकर सरकारी बस में सवार हुए
  • कंडक्टर ने मंत्री से बदसलूकी की और बस से उतरने को कहा
  • ऑटो चालक ने भी मीटर से अधिक किराया वसूला

बेंगलुरु: Karnataka Transport Minister Byrathi Suresh आम जनता को सुविधा देने के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है। मुफ्त राशन से लेकर सस्ती दर पर परिवहन सेवा, सिर्फ आम जनता के हित को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। लेकिन इन योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी जिनके कंधे पर है वो आम जनता से कैसा व्यवहार करते हैं ये तो जनता ही जानती है। जनता के साथ सरकारी बसों में कैसा व्यवहार होता ये परिवहन मंत्री को तब पता चला जब खुद सवारी बनकर बस में बैठ गए, लेकिन इस बात की कंडक्टर को खबर भी नहीं थी। इस दौरान परिवहन मंत्री के साथ जो हुआ उसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। तो चलिए जानते हैं कि उनके साथ क्या हुआ।

परिवहन मंत्री को ही उतार दिया बस से

Karnataka Transport Minister Byrathi Suresh दरअसल कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराशी सुरेश फिल्म नायक के अनिल कपूर शनिवार रात हेब्बल से नागाशेट्टीहल्ली जाने वाली बस में एक सामान्य नागरिक की तरह बैठ गए। इस दौरान उन्होंने अपने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था जिसकी वजह से उन्हें ना तो बस के चलाक और परिचालक बल्कि यात्रियों ने भी उन्हें नहीं पहचाना। इस दौरान मंत्री बायराशी सुरेश ने कंडक्टर से 100 रुपए देकर दो टिकट मांगे।

कंडक्टर ने की बदसलूकी

कंडक्टर ने 100 रुपए का नोट देखते ही परिवहन मंत्री से छुट्टा मांगा, लेकिन बायराशी सुरेश ने उन्हें कहा छुट्टा नहीं है। इतना सुनते ही कंडक्टर गुस्सा हो गए और परिवहन मंत्री को ही बस से उतार दिया। कंडक्टर उनसे कहा कि छुट्टा नहीं दे सकते तो उतर जाओ। बताया जा रहा है कि परिहवन मंत्री को लंबे समय से कंडक्टर की ऐसी हरकतों की शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद उन्होंने खुद बस में सफर करके असली बात जानने की कोशिश की। बता दें कि मास्क पहने हुए मंत्री ने शाम 7:10 बजे से रात 9:10 बजे के बीच जयमहल, टीवी टावर, आरटी नगर, सीबीआई रोड, हेब्बल, मान्यता टेक पार्क, नागवारा, हेन्नूर, हेन्नूर बंदे, बायराथी बंदे और गेद्दलाहल्ली को कवर करने वाले मार्गों पर यात्रा की।

ऑटो रिक्शा वाले ने भी लगाया चूना

इसके अलावा उन्होंने नागशेट्टीहल्ली से ऑटो रिक्शा में भी यात्रा की। ऑटो रिक्शा की सवारी के दौरान भी उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा, क्योंकि किराया मीटर पर 30 रुपए दिख रहे थे, लेकिन ड्राइवर ने 36 रुपए मांगे। जब उन्होंने ड्राइवर से पूछा तो उसने कहा कि मीटर को ठीक किया जाएगा। आखिर में मंत्री 40 रुपए देकर रिक्शे से उतर गए।

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परिवहन मंत्री ने आम यात्री बनकर बस में सफर क्यों किया?

सरकारी बसों में यात्रियों के साथ हो रहे व्यवहार और मिल रही शिकायतों की सच्चाई जानने के लिए मंत्री ने बिना पहचान बताए आम यात्री बनकर सफर किया।

बस में मंत्री के साथ क्या हुआ?

मंत्री ने 100 रुपये देकर दो टिकट मांगे, लेकिन छुट्टे पैसे नहीं होने पर कंडक्टर ने उनसे बदसलूकी की और बस से उतरने के लिए कह दिया।

क्या बस कर्मचारियों ने मंत्री को पहचान लिया था?

नहीं। मंत्री ने मास्क पहन रखा था, इसलिए न कंडक्टर, न चालक और न ही अन्य यात्री उन्हें पहचान सके।

ऑटो रिक्शा में मंत्री के साथ क्या हुआ?

ऑटो का मीटर 30 रुपये दिखा रहा था, लेकिन चालक ने 36 रुपये मांगे। अंत में मंत्री ने 40 रुपये देकर यात्रा पूरी की।

इस निरीक्षण का उद्देश्य क्या था?

उद्देश्य यह जानना था कि सरकारी बसों और सार्वजनिक परिवहन में आम यात्रियों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है और शिकायतों में कितनी सच्चाई है।