गोरखपुर (उप्र), 12 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ महा अभियान की शुरुआत की और धरती की सेहत पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाला इंसान पृथ्वी की सेहत का ख्याल नहीं रख रहा है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ महा अभियान के तहत 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हर इंसान और हर जीव के लिए मां सबसे सुंदर उपहार होती है। यह उपहार हम सबके लिए धरती मां के रूप में भी मौजूद है। हम अपनी सेहत को लेकर चिंतित रहते हैं और समय-समय पर डॉक्टर के पास जाते हैं, लेकिन हम उस धरती मां के उपचार के लिए कोई प्रबंध नहीं करते जिस पर हम सब निर्भर हैं।’’
उन्होंने यह भी कहा कि 2017 में सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने राज्य में ‘हैलोजन लाइट’ हटाने का अभियान शुरू किया और ‘एलईडी स्ट्रीट लाइटें’ लगायीं।
आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘इस कदम से उत्तर प्रदेश सरकार 100 करोड़ रुपये बचाने में कामयाब रही। हैलोजन लाइट से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में काफी कमी आई है। अब शहर में पुरानी हैलोजन लाइटों की जगह आकर्षक एलईडी स्ट्रीट लाइटें रोशनी बिखेरती दिखती हैं। यह अक्षय ऊर्जा की दिशा में एक कोशिश थी।’’
उन्होंने कहा कि ‘पीएम सूर्य घर : मुफ़्त बिजली योजना’ के तहत ‘सोलर पैनल’ दिए जा रहे हैं, जिनसे बिजली का बिल लगभग आधा हो गया है और हरित ऊर्जा का एक नया स्रोत भी मिल रहा है।
आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘अयोध्या राज्य का पहला सौर शहर बन गया है। वहां सड़कें और सरकारी इमारतें पूरी तरह से उसी सौर शहर में बनी बिजली से प्रकाशित होती हैं। प्रकृति के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।’’
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिये।
उन्होंने कहा कि यह पहल इसलिए शुरू की गयी ताकि घरों में हरित ईंधन का इस्तेमाल हो, जिससे माताओं और बहनों को धुएं से बचाया जा सके, उनकी आंखों की रोशनी सुरक्षित रहे और उन्हें सांस की बीमारियों से बचाया जा सके।
आदित्यनाथ ने कहा कि इस योजना से अकेले उत्तर प्रदेश में ही दो करोड़ परिवारों को इसका फायदा मिला है।
भाषा सलीम
रंजन राजकुमार
राजकुमार