Karnataka Viral Video: भ्रष्ट अफसर ने अस्पताल को बना लिया ‘इश्क का अड्डा’! जेल से इलाज के बहाने भर्ती होकर बुलाया गर्लफ्रेंड, जज ने खोला पूरा राज

Ads

भ्रष्ट अफसर ने अस्पताल को बना लिया ‘इश्क का अड्डा’! Karnataka Viral Video: Officer Found with Girlfriend in Hospital

  •  
  • Publish Date - August 30, 2026 / 06:57 PM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 06:57 PM IST

मांड्या। Karnataka Viral Video कर्नाटक के मांड्या में भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार एक सरकारी अधिकारी को अस्पताल में भर्ती कराने और वहां कथित तौर पर विशेष सुविधाएं दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामला तब और गंभीर हो गया, जब अदालत के निरीक्षण के दौरान आरोपी अधिकारी के लिए आरक्षित कमरे में एक युवती मिली। पूछताछ में युवती ने खुद को अधिकारी की गर्लफ्रेंड बताया। मामले में एक पुलिस कॉन्स्टेबल को निलंबित किए जाने के बाद जेल और अस्पताल प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।

मामला श्रीरंगपट्टनम में लैंड रिकॉर्ड्स विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर (ADLR) मोहम्मद हुसैन का है। हुसैन को लोकायुक्त पुलिस ने कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, लेकिन जेल ले जाने के बजाय मांड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (MIMS) में भर्ती करा दिया गया। यहां उसे एक विशेष कमरा उपलब्ध कराया गया था।

जज के औचक दौरे से खुली परतें

Karnataka Viral Video पूरे मामले का खुलासा मांड्या के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज सी. चंद्रशेखर के अचानक MIMS पहुंचने के बाद हुआ। जज ने अस्पताल के उस हिस्से का निरीक्षण किया, जहां हुसैन को रखा गया था। उन्होंने डॉक्टरों से आरोपी की तबीयत और अस्पताल में भर्ती किए जाने के कारणों की जानकारी ली। बताया गया कि डॉक्टरों के मुताबिक हुसैन की स्थिति ऐसी नहीं थी, जिसके लिए उसे लगातार अस्पताल में भर्ती रखना जरूरी हो। इसी दौरान विशेष कमरे में एक युवती की मौजूदगी ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। जज के पूछने पर युवती ने कथित तौर पर बताया कि वह हुसैन की गर्लफ्रेंड है।

अस्पताल भेजा, लेकिन कोर्ट को नहीं बताया

जज ने इसके बाद जेल अधिकारियों से आरोपी को अस्पताल में रखने की प्रक्रिया पर सवाल किया। अधिकारियों ने बताया कि जेल के डॉक्टर की सलाह के आधार पर हुसैन को MIMS भेजा गया था। हालांकि, जब जज ने पूछा कि क्या आरोपी को जेल से अस्पताल स्थानांतरित किए जाने की सूचना अदालत को दी गई थी, तो जेल प्रशासन के पास इसका संतोषजनक जवाब नहीं था। एक अधिकारी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि अदालत को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। इस पर जज ने नाराजगी जताते हुए जेल प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में आरोपी की मेडिकल स्थिति, अस्पताल में भर्ती करने का आधार और उसे उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का ब्योरा देने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ेंः-