नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) तेलंगाना में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की विधान परिषद सदस्य के. कविता ने मंगलवार को कहा कि वह उनके द्वारा अब तक इस्तेमाल सभी फोन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को जमा कर रही हैं।
वह दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं।
उन्होंने कहा कि उनके अधिकार को लेकर और इस दलील को लेकर किसी पूर्वाग्रह के बिना ये फोन जमा किये गये हैं कि क्या किसी महिला के निजता के अधिकार का उल्लंघन करते हुए उसके फोन में तांकझांक की जा सकती है।
उन्होंने नयी दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय में प्रवेश से पहले एक पारदर्शी शीट में रखे कुछ मोबाइल फोन दिखाये और कहा कि वह इन्हें ईडी को जमा करने जा रही हैं।
उन्होंने इस मामले में पिछले साल दायर एजेंसी के पहले आरोप पत्र में लगाये गये आरोपों का जिक्र किया कि वह कम से कम दो मोबाइल फोन का उपयोग कर रही थीं, जिनके आईएमईआई 10 बार बदले गये।
उन्होंने कहा कि वह समझ नहीं पा रहीं कि एजेंसी ने कैसे, क्यों और किन परिस्थितियों मेंं इस तरह के आरोप लगाये हैं, जबकि ‘‘मुझे तलब तक नहीं किया गया और कोई प्रश्न नहीं पूछा गया।’’
एजेंसी पर अपने खिलाफ आक्षेप लगाने का आरोप लगाते हुए कविता ने कहा कि वह इस तरह की कोई गलत धारणा खारिज करने के लिए फोन जमा कर रही हैं जो एजेंसी कथित रूप से बनाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि जनता को ‘झूठे आरोप जानबूझकर लीक करने’ से राजनीतिक रस्साकशी बढ़ी है, जिसमें उनके राजनीतिक विरोधी आरोपों की झड़ी लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में उन पर तथाकथित सबूत नष्ट करने के आरोप लग रहे हैं, उनकी प्रतिष्ठा को बहुत नुकसान पहुंचाया जा रहा है और उन्हें तथा उनकी पार्टी को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
कविता ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य की बात है कि प्रवर्तन निदेशालय जैसी प्रमुख एजेंसी इन कृत्यों में शामिल हो रही है और निहित राजनीतिक हितों की कीमत पर निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के अपने पवित्र कर्तव्य को नुकसान पहुंचा रही है।’’
कविता तीसरी बार ईडी के सामने पूछताछ के लिए पहुंची हैं। इससे पहले 11 और 20 मार्च को वह मध्य दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में करीब 18-19 घंटे रही थीं ।
सोमवार को बीआरएस नेता रात करीब 9:15 बजे ईडी दफ्तर से निकली थीं। सूत्रों के अनुसार कल उनसे पूछताछ में करीब एक दर्जन सवाल पूछे गये और उनका बयान दर्ज किया गया।
समझा जाता है कि कविता से हैदराबाद के उद्योगपति अरुण रामचंद्र पिल्लै के बयानों के संबंध में भी पूछताछ की गई जिन्हें मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। पिल्लै का कविता से कथित तौर पर अच्छा संपर्क है।
कविता ने कहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार ईडी का इस्तेमाल कर रही है क्योंकि केंद्र में सत्तारूढ़ दल को तेलंगाना में ‘पिछले दरवाजे से प्रवेश’ नहीं मिल सका है।
ईडी ने कहा था कि पिल्लै ‘साउथ ग्रुप’ का प्रतिनिधित्व करते हैं जो कविता और अन्य लोगों का कथित शराब कारोबारी समूह है। इसने 2020-21 की दिल्ली आबकारी नीति (अब रद्द हो चुकी) के तहत राष्ट्रीय राजधानी के बाजार में बड़ी हिस्सेदारी पाने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) को करीब 100 करोड़ रुपये रिश्वत दी थी।
ईडी ने पिल्लै के रिमांड पत्र में यह आरोप भी लगाया कि वह मामले में कविता के बेनामी निवेश से जुड़े हैं।
कविता से इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भी हैदराबाद स्थित उनके घर पर पूछताछ की थी।
ईडी इस मामले में दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
उसने कविता से कथित रूप से जुड़े एकाउंटेंट बच्चीबाबू का बयान भी दर्ज किया है। बच्चीबाबू ने कहा कि कविता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के बीच राजनीतिक सांठगांठ थी।
भाषा वैभव वैभव नरेश